कर्नाटक का इतिहास | कर्नाटक की कहानी | history of Karnataka in Hindi

आज के इस ब्लॉग में हम आपको भारत के एक बेहद ही खूबसूरत राज्य कि महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता धार्मिक स्थल शानदार समुद्री तटों पर हरी भरी वादियों प्राचीन इतिहास समृद्धि धरोहर और मॉडर्न साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए प्रसिद्ध है एक ऐसा राज्य जो देश का सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन करने वाला राज्य है इस राज्य का इतिहास हजारों साल पुराना है महान विजयनगर साम्राज्य की शुरुआत भी इसी राज्य से हुई थी रानी लक्ष्मीबाई से 30 साल पहले एक और रानी थी जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ तलवार उठाई थी और वो रानी इस राज्य के कित्तूर से ताल्लुक रखती थी यहां पर एक 3000 मिलियन साल पहले के पत्थर मौजूद है इतना ही नहीं चाणक्य द्वारा लिखे गए अर्थशास्त्र की ओरिजिनल कॉपी भी इसी राज्य के एक म्यूजियम में रखी हुई है सबसे पहले प्राइवेट रेडियो स्टेशन की बात हो या फिर आज के समय में भारत के सबसे बड़े आईटी हब, यह राज्य हर क्षेत्र में सबसे आगे रहता है दोस्तों आज हम बात कर रहे हैं भारत के दक्षिणी छोर पर प्रकृति गोद में बसे एक खूबसूरत राज्य कर्नाटक और ” कर्नाटक का इतिहास | की कहानी | history of Karnataka in Hindi ” की, इसलिए इस ब्लॉक को अंत तक जरूर पढ़ें।

कर्नाटक की राजधानी कहां है | कर्नाटक भारत का कौनसा राज्य है 

सबसे पहले बता दे कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु है कर्नाटक की राजधानी होने के साथ-साथ भारत का सबसे बड़ा आईटी हब भी है और इसे सिलिकॉन वैली ऑफ़ इंडिया में कहा जाता है, फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2050 तक बेंगलुरु दुनिया के टॉप हंड्रेड शहरों में शामिल हो जाएगा, सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी के मामले में आज बेंगलुरु दुनिया के टॉप शहरो को टक्कर दे रहा है देश के दो सबसे बड़ा आईटी कंपनी विप्रो और इन्फोसिस के हेडक्वार्टर भी बेंगलुरु में स्थित है भारत की स्पेस एजेंसी इसरो का हेड क्वार्टर भी यही स्थिति है, कर्नाटक की गिनती हमेशा से ही भारत के सबसे प्रमुख राज्य में की जाती है कर्नाटक भारत का सातवां सबसे बड़ा राज्य है और आबादी के लिए आठवीं स्थान पर आता है और राज्य की जनसंख्या 6.6 करोड़ के आसपास है और इस राज्य में 84% हिंदू 12% मुसलमान और ईसाई बौद्ध धर्म के लोग भी रहते हैं |

कर्नाटक राज्य का पुराना नाम क्या था? । और कर्नाटक राज्य की स्थापना कब की गई थी

कर्नाटक को पहले मैसूर राज्य के नाम से जाना जाता था आजादी के बाद 1 नवंबर 1956 को मैसूर राज्य की स्थापना की गई थी और सन 1973 में इसका नाम बदलकर कर्नाटक रखा गया था कर्नाटक का नाम जिसका मतलब होता है काली मिट्टी, कर्नाटक में 40 से ज्यादा पाउडर जल मौजूद आज कर्नाटक की अर्थव्यवस्था में एग्रीकल्चर का योगदान सिर्फ 12% रह गया है औद्योगिक क्षेत्र जीडीपी में 22% का योगदान है वही सबसे ज्यादा प्रतिशत का योगदान सर्विस सेंटर का है कर्नाटक राज्य भारत के अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में काफी आगे है इस साल राज्य की जीडीपी 243 बिलीयन डॉलर्स रहने की बात कही जा रही है और पर कैपिटा इनकम के मामले में भी कर्नाटक राज्य भारत के अन्य राज्यों की तुलना में काफी आगे नजर आता है इस राज्य के लोगों की सालाना प्रति व्यक्ति आय $3100 के आसपास जो भारत की औसतन पर कैपिटा इनकम से काफी ज्यादा है।

कर्नाटक का लिटरेसी रेट कितना है?

पढ़ाई लिखाई के मामले में भी कर्नाटक तेजी से आगे बढ़ रहा है फिलहाल कर्नाटक लिटरेसी रेट 75% के आसपास है कर्नाटक भारत का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादन करने वाला राज्य है भारत का 59% कॉफी का उत्पादन सिर्फ कर्नाटक में ही किया जाता है इसके अलावा चावल रागी ज्वार और अन्य भोजनों का उत्पादन भी कर्नाटक राज्य में किया जाता है, साथ ही सारी सब्जियां नीट का उत्पादन भी कर्नाटक में किया जाता हैं, सीमेंट ऑटोमोबाइल बायोटेक टेक्सटाइल इंडस्ट्री में भी कर्नाटक देश के टॉप राज्यों की सूची में शुमार है

देश का पहला रेडियो स्टेशन कहां शुरू हुआ था?

आपको बता दे कि हमारे देश के पहले प्राइवेट वीडियो स्टेशन की शुरुआत भी कर्नाटक में हुई थी साल 2001 में रेडियो सिटी 91.1 एफएम पहले प्राइवेट रेडियो स्टेशन बना जो आज तक चालू है, आप सभी ने फिल्म केजीएफ तो देखी होगी जिसके दो सीरीज अभी तक आ चुके हैं इस फिल्म में जो कोलार गोल्ड फील्ड्स की कहानी दिखाई गई है वह सोने की खान भी कर्नाटक में स्थित है।

कर्नाटक राज्य पर शासन करने वाले कौन सब थे

इतिहास में कर्नाटक राज्य पर नंद मौर्य कदंब बदामी चालुक्य और गंगा जैसे राजवंशी द्वारा शासन किया गया है कर्नाटक राज्य की शासन के बाद आती है तो हैदर अली और टीपू सुल्तान को जरूरी याद किया जाता है इन्होंने कर एंग्लो मैसूर युद्ध किया और आखिर में टीपू सुल्तान मारे गए थे, कहा जाता है कि टीपू सुल्तान और हैदर अली ने पहली बार सन 1780 में तोप का निर्माण किया था अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की शुरुआत में वैसे तो सन 1857 के विद्रोह से मानी जाती है लेकिन कित्तूर की रानी चेन्नम्मा 1824 में अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया था।

कर्नाटक में सबसे ज्यादा कौन सी भाषा बोली जाती है?

कर्नाटक में वैसे तो सबसे ज्यादा कन्नड़ भाषा का ही प्रयोग किया जाता है लेकिन इसके अलावा हिंदी इंग्लिश मराठी तमिल तेलुगू मलयालम भाषण भी लोग आम बोलचाल के दौरान इस्तेमाल करते हैं समय के चलते आज संस्कृत भाषा सिर्फ पुराने और वेदों तक युवा पीढ़ी को भी संस्कृत भाषा में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रही है लेकिन कर्नाटक में मनदूर नाम की एक जगह है जहां हर कोई संस्कृत भाषा में ही बात करता है रोज मर्रा कि जिंदगी में संस्कृत भाषा में बात करते लोगों को देखकर ऐसा लगता है मानो किसी प्राचीन समय की दुनिया में आ गए हो।

कला साहित्य और संगीत के जगत में भी कर्नाटक का अहम योगदान रहा है पंडित भीमसेन गुरुजी जोशी जिन्हें फादर ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक कहां जाता है यह भी कर्नाटक से ही ताल्लुक रखते हैं उन्होंने ख्याल रूप की शुरुआत की थी साथ ही दीपिका पादुकोण सहित कई दिग्गज फिल्में सितारे कर्नाटक ने देश को दिए, अनिल कुंबले जैसे अपने समय के महान क्रिकेटर्स भी कर्नाटक की मिट्टी में है दोस्तों कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संघ मौजूद है भारत में झंडा बनाने के लिए अधिकृत यानी भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी झंडा यहीं पर तैयार किए जाते हैं।

कर्नाटक की संस्कृति

कहा जाता है कर्नाटक के बीजापुर को नदियों का शहर कहा जाता है इस शहर से पांच प्रमुख नदियां होकर गुजरती है जिनके नाम कृष्णा भीम धोनी वाला प्रभाव और घाट प्रभाव है साड़ियों के लिए भी प्रसिद्ध है कर्नाटक राज्य अपने त्योहार कला संस्कृति और खाने के लिए भी प्रसिद्ध है यहां की हवा में एक अलग ही ताजगी महसूस होती है गणेश चतुर्थी युगादी उत्सव गौरी हब्बा और कन्नड़ राज्य के सबसे प्रमुख त्यौहार है लोक नृत्य की बात करें नृत्य कर्नाटक की शान माने जाते हैं खान पान की बात करें तो कर्नाटक पारंपरिक देश माना जाता है।

कर्नाटक का प्रमुख शहर कौनसा है?

आपको कर्नाटक के प्रमुख शहरों और उन जगहों के बारे में बताते हैं जहां आप घूमने जा सकते हैं बैंगलोर कर्नाटक राजधानी होने के साथ सबसे बड़ा शहर भी है। और यहां कई एतिहासिक जगह और मंदिर देखने के लिए जा सकते हैं बेंगलुरु पैलेस पूरे बेंगलुरु शहर की शान मनी जाती है, नाइट लाइफ के मामले में भी बेंगलुरु का कोई मुकाबला नहीं है आज पूरे भारत में सबसे ज्यादा पॉप बेंगलुरु शहर में ही बने हुए हैं बेंगलुरु शहर अपनी शॉपिंग डेस्टिनेशंस के लिए भी काफी फेमस है अगर वाइल्डलाइफ देखना पसंद है तो खट्टा नेशनल पार्क जरूर जाइए, इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजी नेशनल पार्क ऐश्वर्या इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम में आपको विज्ञान से जुड़ी कई चीजें देखने को मिलेगी साथ ही कनकपुरा नंदी हिल्स आप जा सकते हैं, बेंगलुरु शहर से चंद घंटे की दूरी पर श्रावण बेलगोला नाम की एक जगह है जैन धर्म के लोगों के लिए एक प्रमुख आस्था का केंद्र है जिसे गोमतेश्वर कहा जाता है यहां पर भगवान बाहुबली की 57 फीट ऊंची प्रतिमा विराजमान है इस मूर्ति की खास बात यह है सिंगल ग्रेनाइट पत्थर से तैयार की गई है

कर्नाटक का मैसूर शहर हरियाली से गिरा हुआ एक शहर है दिन के समय जितना खूबसूरत नजर आता है रात के समय इसकी खूबसूरती उससे भी कई गुना बढ़ जाती है पूरे शहर में हर जगह आपको चाका चोनद नजर आएगी और आपको ऐतिहासिक इमारतें और महलों पर रात के समय रोशनी की जाती है इस शहर से आपको बने साबुन अगरबत्तियां खरीद सकते हैं और वोट डालने के बाद आपके हाथ पर है जो इंक लगाई जाती है उसका निर्माण भी मैसूर में किया जाता है मैसूर के अलावा भारत में और किसी जगह नहीं बनती मैसूर साफ सुथरा शहर माना जाता है और यह भारत में ताजमहल के बाद सबसे ज्यादा घूमने जाने वाली जगह भी है इसे अंबा विलास पैलेस के नाम से जाना जाता है यह पैलेस वार्डया राजवंश का घराना हुआ करता था।

ललित महल, मैसूर का दूसरा सबसे बड़ा महल है और इसका आर्किटेक्चर भी काफी प्रशंसनीय है।

सेंट फिलोमेना कैथेड्रल चर्च,भारत का दूसरा सबसे ऊंचा चर्च है जो मैसूर में स्थित है।

मंगलुरु, यह शहर अपने खूबसूरत थी समुद्री तटों के लिए शोर है यह भारत के उन चुनिंदा शहरों में से एक है जो हवाई रेल और समुद्री मार्ग से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा कर्नाटक की वेस्टर्न घाट जैसी जो है यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में भी शामिल है महान विजयानगर किंग्डम का हिस्सा हुआ करती थी और इस शहर का इतिहास रामायण काल जितना पुराना माना जाता है यहां की प्राकृतिक सुंदरता के कारण इसे स्कॉटलैंड आफ इंडिया भी कहा जाता है, इसलिए यहां पर आपको काफी शांति का अनुभव होगा, इंडियन एयर फोर्स स्टेशन के कारण सुर्खियों में बनी रहती है Jog falls कर्नाटक की सबसे खूबसूरत जगह में से एक है की सबसे खूबसूरत जगह में से एक है जो भारत का दूसरा सबसे ऊंचाई से गिरने वाला वॉटरफॉल है 253 फीट की ऊंचाई से पानी को गिरते देखना अलग ही अनुभव है भगवान शिव की 120 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए भी लोग बहुत दूर-दूर से आते हैं।

अगर आप फैमिली ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं तो विजय राज्य आपको बिल्कुल भी निराश नहीं होने देगा कम से कम 6 से 7 दिन का समय अपने साथ लेकर चले तभी आपके यहां घूमने में मजा आएगाऔर आप हवाई मार्ग, रेल मार्ग तक आसानी से पहुंच सकते हैं भारत के सभी राज्यों और शहरों से कर्नाटक की ट्रेन और एयरप्लेन सुविधा आपको मिल जाएगी, धन्यवाद।यह था कर्नाटक और उससे जुड़े कुछ ऐसे फैक्ट्स जो इस स्टेट को सबसे अलग बनाते हैं |

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