बेंगलुरु का इतिहास | History Of Bangalore in hindi

बेंगलुरु का इतिहास और महत्वपूर्ण तथ्य

बेंगलुरु का इतिहास (History of Bangalore in Hindi) भारत के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में से एक की रोचक कहानी है। आज बेंगलुरु को भारत की आईटी राजधानी के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसका इतिहास बहुत पुराना और समृद्ध रहा है। प्राचीन समय में यह क्षेत्र गंग वंश और चोल वंश के अधीन रहा, जबकि बाद में विजयनगर साम्राज्य और मैसूर के शासकों ने यहाँ शासन किया। हैदर अली और टीपू सुल्तान के समय में भी बेंगलुरु का महत्व बढ़ा। अंग्रेजों के शासनकाल में यह एक प्रमुख प्रशासनिक और सैन्य केंद्र बन गया। आज बेंगलुरु अपने आईटी उद्योग, शिक्षा और आधुनिक जीवनशैली के कारण पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस लेख में हम बेंगलुरु का इतिहास आसान हिंदी में विस्तार से जानेंगे।

बेंगलुरु शहर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

सबसे पहले बता दें कि बेंगलोर कर्नाटक राज्य की राजधानी है और बेंगलुरु का कुछ लोग बेंगलुरु के नाम से भी जानते हैं बेंगलुरु भारत के दक्षिण में तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है यहां की आबादी लगभग 1.3 करोड़ हैं, और आबादी के हाथ से यह शहर भारत का तीसरा सबसे बड़ा शहर है, बेंगलुरु शहर जीडीपी के लिए हद से भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, ढाई सौ मिलियन डॉलर जीडीपी के साथ यह भारत का अर्थव्यवस्था में अहम योगदान निभा रहा है, और पीडीपी के लिहाज से बेंगलुरु शहर चौथी नंबर पर आता है, इंदौर शहर सी लेवल से 3000 फिट की ऊंचाई पर बसा हुआ है इतनी ऊंचाई पर बसे होने के कारण बेंगलुरु का मौसम पूरे साल काफी अच्छा रहता है और यही वजह है के बेंगलुरु से इतनी ज्यादा लोग जुड़े रहते हैं और इतना ही नहीं आज बेंगलुरु में 51% से ज्यादा लोग भारत के विभिन्न हिस्सों से आकरबसे हैं, मुंबई की तरह बेंगलुरु के लिए भी ऐसा माना जाता है कि यह शहर कभी सोता नहीं है इस शहर में आपको हर वक्त भीड़ ही मिलेगी हमेशा चहल-पहल होते रहते हैं इस शहर के लोग अलग है यहां का कलर भी अलग है लेकिन इसके बावजूद बेंगलुरु को भारत के सबसे फेमस शहरों में गिना जाता है, टूरिज्म के इतवार के शहर काफी अच्छा है यहां घूमने आने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा होते हैं।

भारत ने पहली बार स्ट्रीट लाइट कहां लगाया गया था और कब लगाया गया था

वह बेंगलुरु शहर ही था जहां पहली बार किसी शहर की गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी यह वही शहर है जहां पहली बार इलेक्ट्रिक स्ट्रीट लाइट 5 अगस्त 1905 को लगाया गया था उससे पहले शहर की गलियों में तेल के दीए जलाने के लिए तीन लोग रखे जाते थे जबकि यह काम बहुत ही मुश्किल था उसके बाद शहर में बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए पावर प्लांट लगाने का काम शुरू किया गया थ, उसे स्ट्रीट लाइट लगाने के 1 साल के अंदर ही 831 नई स्टील लाइट और 1639 घरों में बिजली के कनेक्शन लगा दिया गया था, बेंगलुरु के बारे में एक रोचक तथ्य भी है की कुछ दशक पहले यह 200 से ज्यादा झीलों का घर था यार 200 से ज्यादा नदिया बची थी जिसके कारण यह सर और भी ज्यादा खूबसूरत लगता था लेकिन विकास के कारण नदियों को खत्म करके उसकी जगह पर माल बना दिया गया तो कुछ जगह ग्राउंड, यह आपको हर तरफ बड़ी-बड़ी इमारतें देखने को मिलेगी, मंत्री पेनिकल इस शहर के सबसे बड़ी बिल्डिंग है इसकी ऊंचाई 153 मीटर है इसके अलावा 50 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई वाली इमारत  बहुत ज्यादा है और अगले कुछ सालों में बेंगलुरु और भी ज्यादा विकसित लगने लगेगा।

बैंगलोर पढ़े-लिखे लोगों का शहर है

बेंगलुरु के लिटरेसी रेट देश के अन्य शहरों से काफी बेहतर है बेंगलुरु में  87.6 लोग लिटरेट है, एक रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु दुनिया के टॉप 100 शहरों में शामिल हो जाएगा फिलहाल अभी की सूची में बेंगलुरु को 21वां स्थान प्राप्त हुआ, बेंगलुरु में 70 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज है जहां से हर साल हजारों बच्चे इंजीनियरिंग करके बड़े-बड़े कंपनियां जॉब कर रहे हैं और विदेश में भी नौकरी के लिए जा रहे हैं, जब के इस शहर में आज भी काफी ग़रीबी है आकरो के मुताबिक बेंगलुरु का प्रॉर्टी रेट 17 परसेंट है यानी 100 में से 17 लोग आज भी यहां गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजार रहे हैं बेंगलुरु शहर के फर्टिलिटी रेट को बेहतर कहा जा सकता है 1.7 फर्टिलिटी रेट के साथ बेंगलुरु पूरे देश के लिए एक मिसाल है, किसी भी देश या राज्य को शिक्षित बनाने के लिए और विकसित बनाने के लिए जनसंख्या पर नियंत्रण होना बहुत आवश्यक है, बेंगलुरु शहर को इट हब माना जाता है जितने आईटी कंपनी इस शहर में है उसने कहीं और नहीं है हर साल हजारों युवा बेंगलुरु नौकरी करने के लिए आते हैं और यही बस जाते हैं अपने सॉफ्टवेयर कंपनी के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है यही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है पूरे एशिया में बेंगलुरु टेक और आईटी कंपनी में सबसे आगे है बेंगलुरु में 1000 से अधिक कंपनी है जिसमें से कुछ तो विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों में है जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट एप्पल गूगल इंटेल आईबीएम विप्रो टीसीएस अमेजॉन रेल टेक्नोलॉजी और भी बहुत सारी यही वजह है कि बेंगलुरु शहर को सिलिकॉन वाली ऑफ इंडिया कहा जाता है इस शहर को स्टार्टअप कैपिटल ऑफ इंडिया भी कहा जाता है क्योंकि हर साल इस शहर में सबसे ज्यादा स्टार्टअप की शुरुआत की जाती है हर रोज नए सॉफ्टवेयर बनाए जाते हैं, आईटी हब होने के अलावा बेंगलुरु दूसरी चीजों में भीमशहूर है बेंगलुरु की खास बात यह भी है कि यहां के राज्य सरकार लोगों के लिए मुफ्त वाईफाई सर्विस देता है और मुफ्त में लाभ उठाया जाता है।

बेंगलुरु के खान-पान के बारे में कुछ रोचक तथ्य

खाने के मामले में बेंगलुरु का कोई जवाब नहीं है इस शहर की लज्जित खाने के दीवाने भारत के कोने कोने में मिल जाएंगे, बेंगलुरु का स्ट्रीट फूड काफी स्वादिष्ट माना जाता है अगर आप बेंगलुरु में किसी स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड की तलाश में है तो आपको मंगलोर बंद से ही शुरू करना चाहिए इस बंद को नारियल की चटनी और सांभर के साथ खाया जाता है अगर आपको खाने पीने का ज्यादा शौक है तो बेंगलुरु शहर आपको बिल्कुल भी बोर नहीं करेगा आपको बेंगलुरु के स्ट्रीट फूड को जरूर आजमाना चाहिए इसमें साबूदाना वडा चटनी की पूरी और मोमोज आदि शामिल है, साबूदाना बड़ा बेंगलुरु की सबसे पॉपुलर डिशेज में से एक है हल्की और कुरकुरे स्नेक्स बेंगलुरु की हर गली और रेस्टोरेंट में आपको खाने के लिए मिल जाएंगे, बेंगलुरु के अपने इडली का स्वाद जरूर छक्का होगा साउथ इंडियन की फेमस रवा इडली की बात ही अलग है रवा इडली लोगों को बहुत ज्यादा पसंद है, रवा इडली पहली बार बेंगलुरु में ही बनाया गया था।

बेंगलुरु का म्यूजिकल कल्चर और क्रिकेट के दीवाने

बेंगलुरु का अगर म्यूजिकल कल्चर के बारे में बात करें तो यहां की म्यूजिकल कल्चर हर जगह पॉपुलर है इस शहर में हर वीकएंड पर कोई ना कोई इवेंट आयोजित किया जाता है और बेंगलुरु में हर साल इंटरनेशनल भी परफॉर्म्स करने के लिए आते हैं यही वजह है कि इस शहर को रोक कैपिटल ऑफ इंडिया कहते हैं, और अगर बेंगलुरु में क्रिकेट की बात करें तो एम्स चन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में है या स्टेडियम भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे चर्चित स्टेडियम में गिना जाता है यही वजह है की फांस यहां पर कोई भी मैच मिस करना नहीं चाहते हैं।

बेंगलुरु शहर में पैदा होने वाले कुछ महान हस्तियां

भारत के बेंगलुरु शहर ने ना जाने कितनी हस्तियां दी है विज्ञान के क्षेत्र में भारत की ओर से पहले नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले सीबी रमन (C V RAMAN) इसी शहर के रहने वाले थे, फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने वाले रजनीकांत अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और राहुल डेविड अनिल कुंबले और रॉबिन उथप्पा जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी यहीं से हैं।

बेंगलुरु शहर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

बेंगलुरु शहर से जुड़े कुछ और फैक्ट्स की बात करें तो कुछ लोग इसे पब कैपिटल ऑफ इंडिया भी कहते हैं बेंगलुरु का नाइटलाइफ का सबसे अलग होने का कारण भी है के इस शहर में पब्स और स्टूडेंट काफी ज्यादा है यहां घूमने वाले लोग देर रात तक नाइट क्लब में पार्टी करते हैं और अपने ट्रिप को मजेदार बनाते हैं।

भारत में पहली बार हेली टैक्सी सेवा कहां शुरू की गई थी?

बेंगलुरु एक ऐसा शहर है जहां पहली बार हेली टैक्सी सर्विस की शुरुआत हुई थी बेंगलुरु के पर घोड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सेवा की शुरुआत की गई थी इसी जगह रास्ते पर सफर के लिए दो से ढाई घंटा समय लगता था लेकिन हेली टैक्सी से आप यह सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा कर सकते हैं, और यह सर्विस सुबह 6:30 बजे से 9:30 बजे तक और शाम 3:15 बजे से 6:00 तक उपलब्ध रहता है, और एक हेलीकॉप्टर एक बार में अच्छे लोगों को लेकर उड़ान भरता है अब आप अंदाजा लगा सकते हैं की बेंगलुरु टेक क्षेत्र में कितना आगे निकल चुका है अगर आप बेंगलुरु शहर घूमने जाने के लिए सोच रहे हैं तो आप बेंगलुरु इस वक्त जाएं जब बेंगलुरु में एयर शौ का आयोजन हो रहा हो क्योंकि आप ईश्वर को देखने के बाद सब कुछ भूल जाएंगे इसके अलावा मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस हर 2 साल में ऐला खाना एयर फोर्स बेस पर एयरो इंडिया अशोक आयोजन करता है और इस शो की खास बात यह है कि इस शो को आम जनता भी दे सकते हैं, एरो इंडिया शो की शुरुआत 1996 मैं हुई थी यह एशिया का सबसे बड़ा एयर शो है इसमें एविएशन सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी भारतीय एयरफोर्स से लेकर दुनिया के कई देशों के एयर फोर्स के प्रतिनिधि भी होते हैं, अगर आप पायलट बनने या वायु सेवा में शामिल होने की बात सोच रहे हैं तो आपको यह शो जरूर देखना चाहिए

बेंगलुरु में आपको कौन सी जगह घूमना चाहिए

दोस्तों बेंगलुरु में कई खूबसूरत पर्यटन स्थल है, अगर आपको ट्रैकिंग का शौक है तो नंदी हिल्स जाकर आप अपना शौक पूरा कर सकते हैं बेंगलुरु से नंदी हिल्स की दूरी 60 किलोमीटर है वनडे ट्रिप के लिए नंदी हिल्स बेस्ट चॉइस है, इसके अलावा आप अंतरा गंगे भी जा सकते हैं बेंगलुरु से अंतरा गंगे की दूरी 70 किलोमीटर है आप रोड ट्रिप के जरिए अंतरा गंगे पहुंच सकते हैं और आप पुराने मंदिरों में देव दर्शन कर सकते हैं, अगर आप वाइल्डलाइफ देखना चाहते हैं तो बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क जरूर जाएं वहां तेंदुए चीते हाथी और कई जानवर देख सकते हैं, इसके अलावा लाल बाग बोटैनिकल गार्डन मैं आपको दुनिया भर के 1800 से ज्यादा प्रजातियां फूल और पौधे देखने को मिलेंगे, और अगर आप टेक्नोलॉजी एंड साइंस में इंटरेस्टेड है तो आप विश्वेश्वरैया औद्योगिक और तकनीकी संग्रहालय (VISVESVARAYA INDUSTRIAL AND TECHNOLOGICAL MUSEUM) घूमने के लिए जा सकते हैं यहां आपको विज्ञान से जुड़ी बहुत सारी जानकारी मिलेगी। जैसे कि आपको पहले ही बताया कि यह शहर काफी ऊपर बसा हुआ है इसलिए यहां का मौसम पूरे साल से भावना ही बना रहता है इसलिए बेंगलुरु जाने का कोई खास समय नहीं है आप कभी भी और किसी भी समय बेंगलुरु शहर की यात्रा करने की तैयारी कर सकते हैं

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