झारखंड का सम्पूर्ण इतिहास । Fact About Jharkhand In Hindi
झारखंड का इतिहास (history of jharkhand in hindi) भारत की जनजातीय संस्कृति, खनिज संपदा और वीर परंपराओं से जुड़ी एक रोचक गाथा है। यह राज्य अपने घने जंगलों, पहाड़ों, झरनों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल से ही यहाँ मुंडा, संथाल, उरांव और हो जैसी जनजातियाँ निवास करती रही हैं, जिन्होंने अपनी अलग पहचान और संस्कृति को आज तक सुरक्षित रखा है। इतिहास के विभिन्न कालों में झारखंड पर कई राजवंशों, मुगलों और अंग्रेजों का शासन रहा, लेकिन यहाँ के लोगों ने हमेशा अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड एक नए राज्य के रूप में स्थापित हुआ। इस लेख में हम झारखंड का सम्पूर्ण इतिहास, महत्वपूर्ण घटनाएँ और रोचक तथ्य सरल हिंदी में विस्तार से जानेंगे।
झारखंड राज्य की स्थापना कब हुई थी?
झारखंड राज्य की स्थापना 15 नवंबर सन 2000 को हुई थी इससे पहले या बिहार का ही एक हिस्सा हुआ करता था, वही बात करें 500 ईसा पूर्व की तो उसे समय या राज्य महाजनपद का हिस्सा हुआ करता था इसके बाद झारखंड वाला हिस्सा मगध और अंग जैसे साम्राज्य का हिस्सा रहा, इतिहास में झारखंड वाले हिस्से पर मौर्य गुप्ता पाला नागवंशी रामगढ़ राज्य चेरो सहित कई इंस्पायरस ने राज किया है।
झारखंडी की कुल आबादी कितनी है?
दोस्तों आपको बता दें कि झारखंड की कुल आबादी है 3 करोड़ 96 लाख है, झारखंड राज्य की जनसंख्या में 67.83% हिंदू हैं, जिनकी संख्या लगभग 2.23 करोड़ है, झारखंड में मुस्लिम आबादी कुल जनसंख्या के अनुसार लगभग 14.53% है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 48 लाख (47.94 लाख) लोग हैं; यह राज्य का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह है।
झारखंड राज्य की सीमा किन-किन राज्यों से मिलती है?
झारखंड राज्य की सीमा पश्चिम बंगाल बिहार उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से जुड़ी हुई है, झारखंड राज्य का ज्यादातर भाग छोटा नागपुर के पहाड़ी मैदान पर स्थित है साथ ही या राज्य अपनी ऐतिहासिक धरती प्राचीन मंदिर और कई दार्शनिक स्थलों के लिए भी पूरे देश में प्रसिद्ध है।

झारखंड की राजधानी कहां है?
झारखंड की राजधानी शहर रांची है वही जमशेदपुर पूरे राज्य का सबसे बड़ा शहर है रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर मैकलुस्कीगंज नाम की एक जगह है जिसे इंडिया का लंदन भी कहा जाता है इस जगह का स्थापना ब्रिटिश काल के दौरान एंग्लो इंडियन नेकी थी, एक समय यहां पर चार सबसे ज्यादा एंग्लो इंडियन के परिवार यहां पर रहा करते थे लेकिन आज यहां 23 एंग्लो इंडियन परिवार रह रहे हैं लेकिन पुराने जमाने के कई शानदार घर यहां आज भी मौजूद है जिनमें से कुछ को होटल और गेस्ट हाउस में तो कुछ को रेस्टोरेंट में तब्दील कर दिया गया है।
लैंड ऑफ़ फॉरेस्ट किस राज्य को कहा जाता है?
सबसे पहले बता दें कि झारखंड को लैंड ऑफ फॉरेस्ट यानी जंगल की धरती भी कहा जाता है, झाड़ शब्द झाड़ से लिया गया है जसका मतलब होता है पेड़ पौधे पत्तियां आदि और खंड मतलब इलाका साथ ही इस राज्य को हीरो का गर्भ भी खा जाता है
भारत में सबसे ज्यादा खनिज कहां पाया जाता है?
झारखंड का ज्यादातर हिस्सा जंगलों से घिरा हुआ है इसके अलावा पहाड़ियों से गिरते झड़ने नदियां और खूबसूरत मैदान किस राज्य को सुंदरता को कई गुना बढ़ा देता है, आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे देश में पाए जाने वाले खनिज का 40% हिस्सा झारखंड में ही पाया जाता है और कुछ महान लोगों का कहना है की पूरी दुनिया में जर्मनी के बाद सबसे ज्यादा मात्रा में खनिज झारखंड में ही पाए जाते हैं, देश में इस्तेमाल होने वाले कोयला का 29% हिस्सा झारखंड से प्राप्त होते हैं, इसके अलावा 26% लोहा और 18% कॉपर मैं भी झारखंड का योगदान है इतना ही नहीं यहां पर यूरेनियम माइका बॉक्साइट ग्रेनाइट सिल्वर लाइमस्टोन डोम लाइट जैसे कई अन्य खनिज प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं, पूरे देश में सबसे पहले यूरेनियम की खोज भी झारखंड में ही की गई थी।
झारखंड की जीडीपी कितनी है?
इस राज्य की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान यहां पर पाए जाने वाले खनिजों का ही है, पूरे देश में झारखंड से खनिजों की सप्लाई की जाती है, झारखंड की जीडीपी 50 बिलीयन डॉलर है यानी लगभग 3.83 लाख करोड़ के आसपास है, झारखंड में जितनी मात्रा में खनिज पाया जाता है और उसे निकाला जा रहा है उसके हिसाब से यहां की जीडीपी काफी कम है क्योंकि खनिज से होने वाली कमाई का ज्यादातर हिस्सा दलालों और यहां के भ्रष्ट नेताओं के जेब में जाता है, बिहार से अलग होने के बाद उम्मीद थी के शायद झारखंड राज्य में तेजी से विकास होगा लेकिन दो दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी हालात में कुछ सुधार नहीं हुआ इसकी एक सबसे बड़ी वजह पॉलीटिकल ईस्टबिलिटी भी है।
झारखंड का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल।
अब आपको झारखंड के कुछ प्रसिद्ध जगह के बारे में बताते हैं जहां जाकर आप घूम सकते हैं
- रांची (RANCHI), रांची को झरनो का शहर भी कहा जाता है जिनका सुंदरता आपको काफी पसंद आएगा, इसके अलावा रांची में गोंडा हिल और यहां का रॉक गार्डन सैलानियों के बीच काफी प्रसिद्ध है, आपको बता दें कि रांची में ही देश का बड़ा मछली घर भी मौजूद है, भगवान बिरसा बायोलॉजिकल पार्क और एक बायोडाइवर्सिटी पार्क भी रांची में ही है और टैगोर हिल आदिवासी संग्रहालय जैसे और भी कई जगह आपको रांची में घूमने को मिलेगी, साथ ही यहां पर कई प्रमुख शॉपिंग कंपलेक्स है और ऊंची ऊंची इमारत है जिन्हें देखकर यकीन करना मुश्किल होता है कि यह जगह एक समय पर बिहार का एक हिस्सा हुआ करता था, झारखंड अपने तीर्थ स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है।
- देवघर (DEVGHAR), देवघर के बारे में आप लोगों ने तो सुना ही होगा यह सावन के महीने में एक विशाल मेला का आयोजन होता है जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं साथ ही गिरिडीह जिले में पारस नाम का एक पर्वत है जो पूरे राज्य की सबसे चोटी है या जगह जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है जिसे सम्मिट शेखर जी के नाम से भी जाना जाता है।
- जमशेदपुर (JSMSHEDPUR), झारखंड का जमशेदपुर स्टील इंडस्ट्री के लिए नासिर हिंदुस्तान में बोल के पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है इस जगह का नाम जमशेदजी टाटा के नाम पर रखा गया है, जमशेदपुर टाटानगर भारत का पहला प्लांट सिटी था जो आज भी एक औद्योगिक केंद्र बना हुआ है जमशेदपुर स्थित जुबली पार्क भी यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करता है।
इसके अलावा झारखंड में बहुत सी जगह है जहां जाकर आप घूम सकते हैं और इंजॉय कर सकते हैं।
दोस्तों यह था झारखंड और उससे जुड़े कुछ ऐसे जगह और फैक्ट्स जो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|
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