हरियाणा का इतिहास | History of Haryana in Hindi

हरियाणा का संपूर्ण इतिहास | fact about Haryana in Hindi

आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे भारत के एक ऐसे राज्य के बारे में जिसे चैंपियन की भूमि कहा जाता है एक ऐसा राज्य जहां के किसान भारत के सबसे अमीर किसान माने जाते हैं और भारत का सबसे पहले इलेक्ट्रीफिक्शन यहीं हुआ था, किस राज्य की बोली और भाषा बहुत ही प्यारी मानी जाती है और यहां के युवा बहुत लंबे और ताकतवर भारत के इंटरनेशनल गेम में सबसे ज्यादा पदक इसी राज्य के लोग लाते हैं, और पूरी दुनिया में सबसे बेहतरीन बासमती चावल का उत्पादन भी इसी राज्य में होता है एक ऐसा राज्य जहां गाए तय करती की कोन कितना अमीर है या गरीब है इस प्रदेश के लोग दूध और दूध से बनी चीजों को खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं, यह राज्य महाभारत के ऐतिहासिक युद्ध की जगह रही है, दोस्तों आज हम बात कर रहे हैं भारत के एक खूबसूरत राज्य हरियाणा “हरियाणा का इतिहास | History of Haryana in Hindi” की, इस ब्लॉग में हरियाणा के बारे में बहुत से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

हरियाणा राज्य का गठन कब हुआ था?

हरियाणा राज्य का गठन 1 नवंबर, 1966 को हुआ था, जब इसे पंजाब राज्य से अलग करके भारत के एक नए राज्य के रूप में शामिल किया गया था. यह भारतीय गणराज्य का 17वां राज्य बना और यह राज्य बहुत ही खूबसूरत राज्य है|

हरियाणा में सबसे ज्यादा कौन सी भाषा बोली जातीहै?

हरियाणा की ऑफिशियल लैंग्वेज हिंदी है यहां करीब 87.31% लोग हिंदी बोलते हैं और हरियाणा के 70% गांव के लोग हिंदी भाषा को हरियाणवी भाषा में बोलते हैं दरअसल हरियाणा में हरियाणवी लोगों का हिंदी को अलग-अलग अंदाज में बोलने का रिवाज है जिसे कोई भी हिंदी भाषा को आसानी से समझ सकता है लेकिन हरियाणा के दक्षिणी भाग मैं बोली जाने वाली हरियाणवी को ठेठ हरियाणवी कहा जाता है इस हरियाणवी को समझना थोड़ी मुश्किल होता है, हिंदी के अलावा हरियाणा में प्राचीन बृज भाषा बोली जाती है यह खासकर हरियाणा के पलवल जिला और गुरुग्राम में बोली जाती है, इसके अलावा यहां पंजाबी उर्दू बंगाली नेपाली और कुछ अन्य भाषा भी बोली जाती है।

हरियाणा के लोग कैसे होते हैं?

हरियाणा एक ऐसा राज्य है जहां पर हर व्यक्ति अपने जीवन को खुशी से जीना पसंद करता है हरियाणा के लोग हर अवसर को बड़े धूमधाम से पर एक साथ मिलकर मनाते हैं, हरियाणा के लोग हमेशा एक दूसरे से मिलजुल कर रहते हैं और इसी कारण बच्चों के जन्म और शादी विवाह या फिर किसी भी धार्मिक और सामाजिक समारोह में एक साथ शामिल होते हैं, यहां के लोग हर त्यौहार पर गाना नाचना पसंद करते हैं।

हरियाणा को चैंपियन की भूमि क्यों कहा जाता है?

आपको बता दें कि हरियाणा को चैंपियन की भूमि इसलिए कहा जाता है की यह राज्य बड़े-बड़े खिलाड़ी और पहलवानों की जन्मभूमि रही है यहां के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेलों में अपना दम कम दिखाकर साबित करते हैं आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली में 2010 कि कॉमनवेल्थ गेम्स में 33 स्वर्ण पदकों में से 22 स्वर्ण पदक भारत के पास हरियाणा से है, अभी हाल ही में हुए टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के स्तर जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए देश का पहला गोल दिलाया, राष्ट्रीय मंडल खेलों में ब्रानज पदक जीतने वाले मुक्केबाज “मनोज कुमार संग्राम सिंह अमित फंगल और वर्ल्ड चैंपियन निशानेबाज जसपाल राणा या सैन नेहवाल” जो ओलंपिक में तीन बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है उन्होंने अपने दूसरी उपस्थिति में ब्रोज पदक जीता यह सभी हरियाणा से ही है, हरियाणा सिर्फ खेलकूद में ही माहिर नहीं है खेलने के अलावा यहां के लोग पढ़ाई लिखाई में भी काफी आगे हैं।

महाभारत की लड़ाई किस राज्य में हुई थी?

हरियाणा राज्य का अपना एक अलग ऐतिहासिक महत्व है पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से हरियाणा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि गौरव और पांडवों के बीच भी महाभारत इसी भूमि पर लड़ा गया जी हां बात कर रहे हैं हरियाणा में स्थित कुरुक्षेत्र के बारे में जहां महाभारत का महायुद्ध हुआ था जिसके बाद कृषि वेद व्यास जी ने महाभारत ग्रंथ के रचना की यहां की भूमि भारत के एक और ऐतिहासिक युद्ध पानीपत की लड़ाई से भी जानी जाती है, आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि संस्थान पर कुल तीन लड़ाइयां हुई जो भारत के इतिहास को बदल कर रख देती है।

हरियाणा के खानपान के बारे में कुछ रोचक तथ्य

हरियाणा के खानपान पर अगर नजर डालें तो हरियाणा के लोग मुख्य रूप से अपने भोजन में दूध दही को शामिल करते हैं क्योंकि हरियाणा में गोपालन और पशुपालन विशेष रूप से क्या जाता है इसीलिए वहां पर दूध और दही की कोई कमी नहीं है इसी कारण हरियाणा में दूध से बनी थी चीज खाना ज्यादा पसंद करते हैं साथ ही यहां के लोग मक्के की रोटी के साथ साग खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं, हरियाणा के लोग चावल के मुकाबले रोटी खाना ज्यादा पसंद करते हैं यहां की रोटियां मिक्सर लोग घी और मक्खन या गुड़ का इस्तेमाल करते हैं रोटी के अलावा लोगों के खान-पान में लस्सी कड़ी की सब्जी बाजरे की खिचड़ी और मिक्स दाल शामिल है, और अगर मीठी की बात करें तो हरियाणा में सबसे प्रसिद्ध यहां की स्वीट डिश घेवर है इस डीश को अलग-अलग तरह की दाल और चीनी के साथ मिलकर बनाया जाता है इस खास पर्व और त्योहारों के दौरान बनाया जाता है।

हरियाणा का प्राचीन इतिहास
हरियाणा का प्राचीन इतिहास

हरियाणा का प्राचीन इतिहास

सबसे पहले आपको बता दें कि हरियाणा देश के उत्तरी भाग में स्थित एक राज्य है, हरियाणा को भाषा के आधार पर एक नवंबर 1966 को पंजाब के पूर्वी भाग्य को अलग किया गया था इस राज्य की राजधानी चंडीगढ़ है जो अपने पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ साझा करती है, सिराज की क्षेत्रफल की बात करें तो इसके क्षेत्रफल इसे भारत के 21वां सबसे बड़ा राज्य बनाती है वही जनसंख्या के हिसाब से या राज्य पूरे भारत में 18वा स्थान है, हरियाणा में कुल 22 जिले हैं जिम जींद जिला सबसे पुराना जिला माना जाता है, जनसंख्या की दृष्टि से हरियाणा का सबसे बड़ा जिला फरीदाबाद है, वही क्षेत्रफल के आधार पर विभागीय सबसे बड़ा जिला है, हरियाणा की चहोदी की बात करें तो यह राज्य चारों तरफ लैंड लॉक है, इस राज्य के उत्तर में पंजाब और हिमाचल प्रदेश दक्षिण और पश्चिम में राजस्थान से जुड़ी हुई है और राजधानी दिल्ली हरियाणा के तीन तरफ से घीरी हुई है, और यही वजह है कि हरियाणा के दक्षिणी क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी में शामिल किया गया है, चंडीगढ़ ना सिर्फ हरियाणा की राजधानी है बल्कि पंजाब की राजधानी है, चंडीगढ़ को भारत के प्लांट शहरों में से एक माना जाता है जहां आधुनिकता के साथ-साथ प्राचीन चीजों को भी सहेज कर रखा जाता है चंडीगढ़ में आपको कई पर्यटन स्थल मिलेंगे जहां जाकर आप अपनी थकान मिटा सकते हैं जिनमें “रॉक गार्डन रोज गार्डन बटरफ्लाई पार्क जो टेररिस्ट गार्डन” और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा।

दोस्तों यह था हरियाणा और उससे जुड़े कुछ ऐसे जगह और फैक्ट्स जो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|

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