आंध्र प्रदेश का इतिहास | History Of Andhra Pradesh

आंध्र प्रदेश की कहानी | आंध्र प्रदेश को राइस बाउल ऑफ़ इंडिया क्यों कहा जाता है | भाषा के आधार पर आंध्र प्रदेश का गठन कब हुआ

दोस्तों हर राज्य की अपनी अलग पहचान अपने अगर खासियत अपने एक पहचान होती है आज इस ब्लॉग में भारत के कैसे अनोखे राज्य के बारे में बताएंगे जिस राज्य को कहा जाता है राइस बाउल आफ इंडिया, पूरे साउथ इंडिया में एकमात्र ऐसी जगह है जहां पर गर्मी के मौसम में भी बर्फबारी देखने को मिलती है और वह जगह से राज्य में स्थित है एक ऐसा राज्य जिस ने भारत को तीन-तीन राष्ट्रपति दिए हैं, और यह राज्य अपनी वास्तु कला मूर्तियों की बनावट पत्थर कीकारीगरी और चित्रकार के लिए भी बहुत मशहूर है और साथ ही दुनिया का सबसे अमीर मंदिर तिरुपति बालाजी भी राज्य में मौजूद है शायद की आप समझ गए होंगे कि हम किस राज्य की बात कर रहे हैं तो आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं “आंध्र प्रदेश राज्य” के बारे में हम इस ब्लॉग में आंध्र प्रदेश “आंध्र प्रदेश का इतिहास | History Of Andhra Pradesh” के कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देंगे इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक जरूर पढ़ें।

आंध्र प्रदेश की स्थापना कब हुई थी? | तेलंगाना राज्य का गठन कब हुआ था?

आंध्र प्रदेश राज्य की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी और भाषा के आधार पर अलग होने वाला या भारत का पहला राज्य बना और साल 2014 में आंध्र प्रदेश से 10 जिले अलग होकर तेलंगाना राज्य का गठान किया गया था, बहुत से लोग आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर अक्सर कंफ्यूज रहते हैं आपको बता दें कि प्राचीन काल से अब तक इस राज्य की कई बार राजधानी बदली जा चुकी है साल 2015 तक हैदराबाद इस राज्य की राजधानी हुआ करता था उसके बाद अब तक अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी का दर्जा प्राप्त है, आंध्र प्रदेश की कुल जनसंख्या 53 मिलियन के आसपास है इस राज्य को भारत के सबसे समृद्धि राज्यों में से एक माना जाता है यहां के लोगों को पर केपीटा इनकम 1 लाख 90 हजार के आप पास है जो कि काफी ज्यादा है।

आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा कौन सी भाषा बोली जाती है?

आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा जवाहर बोली जाती है वह तेलुगू है और इसी राज्य की ऑफिशियल भाषा का भी दर्जा प्राप्त है और तेलुगु भाषा की एक खास बात यह भी है की इस भाषा के सभी शब्द अंत में वह भावेल पर ही खत्म होते हैं और ब्रिटिश ने इस भाषा को इटालियन ऑफ़ द ईस्ट का भी दर्जा दिया था, इस राज्य की उर्दू दूसरी प्रमुख भाषा है इसके अलावा हिंदी मराठी इंग्लिश तमिल कन्नड़ और उड़िया जैसी भाषा भी बोली जाती है।

आंध्र प्रदेश की सीमाएं भारत के चार राज्यों से मिलती है जिसमें तेलंगाना उड़ीसा कर्नाटक तमिलनाडु शामिल है दर असल 2 3 राज्य की सीमा जब मिलते हैं तो एक दूसरे राज्य की भाषा का प्रभाव भी अक्सर देखने को मिलता है|

आंध्र प्रदेश की कुछ रोचक तथ्य|

आंध्र प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या हिंदू धर्म को मानती है 7.5 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म को मानते हैं 1.5 प्रतिशत लोग ईसाई धर्म को मानने वाले और करनी है एक प्रतिशत में जैन बुद्ध और सिख समुदाय के लोग शामिल है, आंध्र प्रदेश का इतिहास सदियों पुराना माना जाता है यहां के कुछ चारों औरत खंडहर देखकर ऐसा लगता है कि मानो स्टोन के टाइम से लोग यहां पर घर है, आंध्र प्रदेश पर आज तक कई साम्राज्य किंगडम और शासको का राज रहा है और राज्य का सबसे बड़ा हिस्सा सम्राट अशोक के सम्राट राज्य का हिस्सा हुआ करता था इसके बाद सातवाहन डायना सिटी द्वारा यहां पर राज किया उसके बाद चुलाज और पल्लवने इस राज्य में शासन क्या फिर मुगलों ने भी यहां शासन किया।

आंध्र प्रदेश में कौन सी ऐसी जगह है जहां हर साल बर्फबारी होती है?

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आंध्र प्रदेश में एक ऐसी जगह है जहां हर साल बर्फबारी होती है आपको यह तो पता है कि ज्यादातर समय पूरे दक्षिण भारत में गर्मी का मौसम ही रहता है लेकिन लंबा सिंघी नाम की एक जगह है आंध्र प्रदेश में जहां साल साल बस वाले देखने को मिलती है साथ ही दुनिया का सबसे बड़ा बरगद का पेड़ की आंध्र प्रदेश में स्थित है फिर का नाम थिम्मा मर्रिमनु (THIMMAMMA MARRIMANU) है जो 5 एकड़ के एरिया में खुला हुआ है, बरगद के पेड़ के नीचे मंदिर बना हुआ है जहां आने वाले भक्तों का मानना है कि यहां माता देखने से मनोकामनाएं पूरी होती है। 

आंध्र प्रदेश को राइस बाउल ऑफ़ इंडिया क्यों कहा जाता है?

आंध्र प्रदेश के हिसाब से 60 से 70 प्रतिशत आबादी आज की कृषि पर ही निर्भर है और यहां सबसे ज्यादा चावल की खेती की जाती है इसीलिए से राइस बाउल आफ इंडिया कहा जाता है, चावल के अलावा यहां पर बस मक्का बाजार धान मूंगफली कपास और केला इत्यादि भगाया जाता है यह तो आंध्र प्रदेश प्रकृति सांसधनों से बहुत भरपूर है, इस राज्य में आज भी 110 मिलियन तन से ज्यादा संसाधन मौजूद है अन्य यहां से लाइमस्टोन आयरन और ग्रेफाइट मेंगनिज जैसे अन्य कई पदार्थ की माइनिंग की जाती है उन्हें निकाला जाता है इसी वजह से आंध्र प्रदेश को रन गर्व भी कहा जाता है।

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आंध्र प्रदेश के एक ऐतिहासिक मंदिर की रोचक तथ्य|

आंध्र प्रदेश के आनंदपुर जिले के एक छोटे से गांव में ऐतिहासिक लेपाक्षी मंदिर है इस मंदिर में कुल 17 स्तंभ है उनमें से एक स्तंभ बिना किसी सहारे के लटकता है यहां सैलानी आमतौर पर इसके नीचे रुमाल जैसी चीजों को स्तंभ के नीचे डालकर बार-बार करने की कोशिश करते हैं यह कैसे किया गया है कैसे हुआ है इसका अंदाज आज तक की फोटो नहीं है लेकिन यह बहुत ही चौक देने वाली बात है, और आपको बता दूं कि आंध्र प्रदेश की चिलकुट बालाजी मंदिर को विजा बालाजी मंदिर क्यों कहा जाता है इसको इसलिए कहा जाता है क्योंकि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के एक स्टूडेंट मैं यह दवा क्या उन्हें मंदिर का दौरा करने के बाद अमेरिका का वीजा प्राप्त हुआ सबसे यह मंदिर विजा बालाजी मंदिर के रूप में माना जाने लगा और यह मंदिर आंध्र प्रदेश के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है।

आंध्र प्रदेश का देश को आजाद कराने में क्या भूमिका रही है?

आंध्र प्रदेश की देश को आजाद करने में काफी अहम भूमिका रही है सरोजिनी नायडू दुर्गाबाई देशमुख जैसे कई महान विभूतियों ने आंध्र प्रदेश में जन्म दिया था इतना ही नहीं आंध्र प्रदेश अब तक देश को तीन राष्ट्रपति दे चुका है, जिम विवि गिरी सर्वपल्ली राधाकृष्णन और संजीवा रेड्डी शामिल है, आंध्र प्रदेश का जब भी राम आता है तो एक और नाम का जिक्र जरूर होता है क्रांतिकारी पट्टी श्री रामुलु (POTTI SREERAMULU) का नाम आता है इन्होंने कई दिनों तक आंध्र प्रदेश राज्य की मांग को लेकर 56 दिनों तक अनशन क्या था और इसे अनुषण के कारण उनकी मौत हो गई थी उसकी अनुषण के कारण ही सोई हुई सरकार जागी, और आंध्र प्रदेश को अलग राज्य बनाने के लिए कमेटी का गठन किया गया था।

आंध्र प्रदेश के फिल्म इंडस्ट्री को क्या कहा जाता है?

आंध्र प्रदेश की फिल्म इंडस्ट्री को टॉलीवुड कहा जाता है जिसमें तेलुगु भाषा में कई फिल्म बनाई जाती है, बॉलीवुड की विशाल चिरंजीवी और नागार्जुन जैसे कई सुपरस्टार पूरे भारत में लोकप्रिय है वही वर्ल्ड में सबसे ज्यादा फिल्में करने का रिकॉर्ड भी तेलुगू अभिनेता ब्रह्मानंद के नाम पर दर्ज है और उनके कॉमेडी की बात ही अलग है उन्होंने एक भाषा में 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।

आपको यह भी पता होना चाहिए की माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला भी आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं, आंध्र प्रदेश में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर काफी तेजी से पैर फैला रही है सीमेंट फ्री मेडिसिन पार्ट ऑफ़ एयर ऑप्टिकल्स ग़लास और घड़ियां जैसे उत्पादन बड़े पैमाने पर आंध्र प्रदेश में हो रहा है, पेप्सी को कैडबरी कोलगेट जैसी बड़ी कंपनियां आंध्र प्रदेश में अपनी परिचय जी से जगह बना रही है।

आंध्र प्रदेश में मछली का व्यापार भी काफी दूरी के बारे पर किया जाता है यहां के समुद्री तट पर आपको सिर्फ फूड के ढेर सारी वैरायटी देखने को मिलेंगे और खाने पीने का इकरा की टेस्ट मिलता है, आंध्र प्रदेश संस्कृत से भरपूर राज्य है मशहूर लोक नृत्यकुचिपुड़ी राज्यों की संस्कृति का एक अभीन अंग है इसके अलावा घंटा मर्दोंला बुरा कथा और विरासत एवं जैसे इंडिया कई लोग नृत्य आंध्र प्रदेश की शान है| 

आंध्र प्रदेश के लोग कैसे होते हैं?

आपको पता है क्या आंध्र प्रदेश के लोग काफी बुलंदशहर किस्म केहोते हैं और मेहमान नवाजी के मामले में किस राज्य का कोई जवाब ही नहीं है, आपको जानकर हैरानी होगी कि परिवार ने अपने दामाद के लिए 365 डिशेस तैयार किए थे जो कि काफी शानदार डिशेस बनाए गए थे, आंध्र प्रदेश के कुछ लोग पुराने सवाल पूरी होते हैं और आज भी राज्य मैं भूत प्रेत और अंध विश्वास को मानने वाले लोग मौजूद हैं।

आंध्र प्रदेश की फेस्टिवल और खाने-पीने की कुछ रोचक तथ्य।

आंध्र प्रदेश फेस्टिवल और खाने पीने के मामले में भी कहीं से कहीं तो कहीं पीछे नहीं है बता दो कि यहां वेज नॉनवेज दोनों तरह के वैरायटी मिल जाएंगे इस राज्य के सबसे प्रमुख अप मानव की बात करें तो इसमें पुलीहोरा आंध्र चिकन बिरयानी गुड्डू वकाया हाजी शामिल है, किस राज्य में सभी धर्म को तैयार बनाए जाते हैं लेकिन कुछ खास फेस्टिवल की दौरान इस राज्य में अलग ही रौनक देखने को मिलती है जिसमें सबसे पहले नाम आता है उगादि पर्व का आंध्र प्रदेश के लोग दिन को एक नए साल के रूप में सेलिब्रेट करते हैं इसके अलावा डेक्कन लिटरेचर फेस्टिवल विशाखा फेस्टिवल गोदावरी पुष्कर मां जैसे बिहार यहां प्रमुख रूप से मनाया जाते हैं। 

आंध्र प्रदेश में घूमने वाली सबसे अच्छी जगह कौन सी है?

आंध्र प्रदेश के हर शहर में आपको कुछ ना कुछ ऐतिहासिक देखने को जरूर मिलेगा।

  • तिरुपति बालाजी मंदिर ( Tirupati Balaji Mandir), तिरुपति बालाजी मंदिर आंध्र प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत और विश्व में चर्चित है इस मंदिर में हर साल हजारों करोड़ों का चढ़ावा आता है सिर्फ 24 घंटे में एक बार यहां 84 करोड़ का चढ़ावा आया था मंदिर को दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों की सूची में शामिल किया जाता है
  • विशाखापट्टनम ( Vishakhabatnam), विशाखापट्टनम की आप सैर कर सकते हैं यह शहर अपने बंदरगाहों समुद्री तत्वों और सीन फूड के लिए फेमस है और यह धीरे-धीरे आईटी सेक्टर में तब्दील होते जा रहा, यहां सारा स्ट्रक्चर से लेकर एडिक्शनल फूड और हॉस्पिटल तक सब कुछ आपको देखने में बेस्ट मिलेगा।
  • कुर्नूल ( Kurnool), कुर्नूल सिटी एक समय में आंध्र प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी इस शहर में 12 ज्योति लिंगो में से एक मल्लिकार्जुन ज्योति लिंग स्थित है, नेल्लौर सिटी से इसरो का सतीश धवन स्पेस सेंटर बना हुआ है श्रीहरिकोटा से आज तक न जाने कितने मिसाइल और स्पेस की लांचिंग की जा चुकी है|
  • विजयवाड़ा ( Vijayawada), आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर कृष्णा नदी के तट पर बसा हुआ है विजयवाड़ा शहर अपने स्वादिष्ट आम मिठाइयों और शांत मौसम के लिए जाना जाता है, विजयवाड़ा के कुछ प्रमुख दर्शनीय स्थल है कोंडपल्ली फोर्ट गुफाऐं खूबसूरत मूर्तियां कनक दुर्गा मंदिर और गांधी पार्क यह सब बहुत ही खूबसूरत और शांत जगह है जहां जाकर आप घूम सकते हैं।
  • नेल्लौर ( Nellor), नेल्लौर शहर आंध्र प्रदेश के शहरों में शामिल है जो के ऐतिहासिक केंद्र के रूप में जाना जाता है यह जगह धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से संपन्न है यहां का श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर इस शहर का प्रमुख दर्शनीय स्थल है, इसके अलावा यहां कई प्राकृतिक स्थल और झीलें मौजूद है यहां का मौसम हमेशा गर्म रहता है इसीलिए यहां घूमने का समय सबसे सही सर्दियों का है सर्दियों के मौसम में आप जाकर यहां घूम सकते हैं। 

इन सब जगह के अलावा “चित्तूर (Chittoor) अनंतपुर (Anantpur) कडप्पा ( Kadappa) श्रीकालहस्ती (Srikalahasti) अराकु वैली (Araku valley)” जैसे कई जगह है जहां आप घूमने के लिए जा सकते हैं इसके अलावा कई नेशनल पार्क एंड वाइल्डलाइफ सेंचुरी आंध्र प्रदेश में स्थित है, इन सब में से श्री वेंकटेश्वर नेशनल पार्क महावीर हरिना वनस्थलीय नेशनल पार्क प्रमुख है और कोरूंगा वाइल्ड लाइफ सीटी सेंचुरी कोरेलू वाइल्डलाइफ सेंचुरी और इसके अलावा बहुत सी चीज और जगह देखने को मिलती है। 

दोस्तों यह था आंध्र प्रदेश और इससे जुड़े कुछ ऐसे जगह और फैक्ट्सजो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|

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