मेघालय का इतिहास । FACT ABOUT MEGHALAY IN HINDI
क्या आप जानते हैं भारत का एक ऐसा राज्य है जहां महिलाओं के बजाय पुरुष शादी के बाद अपना घर छोड़कर पत्नी के घर रहते हैं और एक ऐसा राज्य जहां कुछ शहरों में पूरे साल बारिश होती रहती है, और इसी राज्य में सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि पूरे एशिया का सबसे स्वच्छ गांव मौजूद है, यह कैसा राज्य जा मौजूद है की पुरानी सभ्यताओं से जुड़ा गुफा, यह राज्य अपनी प्रकृति सुंदरता और मनमोहन झरनों के लिए प्रसिद्ध है, आज हम इस ब्लॉग में बताने जा रहे हैं भारत के खूबसूरत राज्य मेघालय “मेघालय का संपूर्ण इतिहास | HISTORY OF MEGHALAYA IN HINDI” के बारे में, इस ब्लॉग मेघालय के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।
मेघालय का नाम मेघालय कैसे पड़ा?
मेघालय दो शब्दों से मिलकर बना है “मेघ और आलय” यानी “बादलों का घर” मेघालय में आकर आपको ऐसा लगेगा मानो क्या बादलों के बीच में घूम रहे हैं, चेरापूंजी और मोसिनराम पूरे दुनिया के मुकाबले सबसे ज्यादा बारिश होती है आप साल के किसी भी समय चल जाए इन दोनों शहरों में आपको बारिश देखने कोमिलेगा।
मेघालय में कुल कितने जिले हैं?
आपको बताते हैं कि मेघालय वर्तमान में कल 12 जिले हैं जिसका नाम नीचे दिया गया है।
- ईस्ट खासी हिल्स (East Khasi Hills)
- वेस्ट खासी हिल्स (West Khasi Hills)
- साउथ वेस्ट खासी हिल्स (South West Khasi Hills)
- ईस्ट जयंतिया हिल्स (East Jaintia Hills)
- वेस्ट जयंतिया हिल्स (West Jaintia Hills)
- ईस्ट गारो हिल्स (East Garo Hills)
- वेस्ट गारो हिल्स (West Garo Hills)
- साउथ गारो हिल्स (South Garo Hills)
- साउथ वेस्ट गारो हिल्स (South West Garo Hills)
- नॉर्थ गारो हिल्स (North Garo Hills)
- रेभोई (Ri-Bhoi)
- ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स (Eastern West Khasi Hills)

मेघालय का इतिहास
मेघालय में कल 12 जिले आते हैं, और इस राज्य की जनसंख्या 37 लाख के आसपास है, मेघालय अपने सीमा सिर्फ असम के साथ शेयर करता है वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेघालय बांग्लादेश के साथ अपना बॉर्डर शेयर करता है, वहीं अगर जीडीपी के बात करें तो तो यह (लगभग $6.3 बिलियन) होने का अनुमान है, मेघालय एक कृषि प्रधान देश है और यहां की 80% फीसदी आबादी कृषि पर भी निर्भर करती है चावल और मक्का का पैदावार यहां पर प्रमुख तौर पर की जाती है क्योंकि चावल की खेती के लिए बारिश बहुत जरूरी है और यहां पूरे साल बारिश होते रहती है, इसके अलावा अनानास पपीता और केले जैसे फलों का उत्पादन भी यहां बहुत ज्यादा होता है सुपारी की खेती के लिए भी मेघालय जाना जाता है, इन सब के अलावा पर्यटन इंडस्ट्री की अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा माना जाता है, मेघालय की सुंदरता के कारण हर साल लाखों पर्यटक इस खूबसूरत राज्य में घूमने के लिए आते हैं वैसे तो पूरे साल ही इस राज्य का मौसम काफी सुहाना होता है लेकिन बारिश के मौसम में बहुत ही खूबसूरत लगता है, यहां की संस्कृति नृत्य परंपरात्योहार खानपान सब कुछ बेहद खास है, यहां हर तरफ आपको खूबसूरत वादियां हरे भरे जंगलों और पैर ऊंचे ऊंचे झरने नदियां और झीलें देखने को मिलेगा, यहां आने के बाद आपको ऐसा लगेगा वाक्य में आप प्रकृति के गोद में आए हैं यहां की शुद्ध हवा में आपको ताजगी का एक अलग ही अहसास होगा अपनी अद्भुत सुंदरता के कारण मेघालय को स्कॉटलैंड ऑफ द ईस्ट (SCOTLAND OF THE EAST) भी कहा जाता है, मेघालय के 70% हिस्से में सिर्फ जंगल ही जंगल है, यहां ज्यादातर लोग किसी ने किसी आदिवासी और जनजाति समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, मेघालय के सबसे प्रमुख ट्राइबल ग्रुप का नाम है “खासी”, मेघालय में सबसे ज्यादा ईसाई धर्म के लोग रहते हैं यहां 75% आबादी क्रिश्चियन है वही 11% हिंदू और चार प्रतिशत मुसलमान मेघालय में रहते हैं।
मेघालय का ऑफिशियल लैंग्वेज कौन सा है?
आपको जानकारी होनी चाहिए की मेघालय की ऑफिशियल लैंग्वेज यानी भाषा अंग्रेजी है लेकिन यहां पर लोग “गारो खासी” और “नहरिया जयंतिया” जैसी भाषाओं का इस्तेमाल आमतौर पर बोलचाल के दौरान करते हैं वही इस राज्य की literacy rate 75% के आप पास है।
मेघालय में सबसे ज्यादा किस चीज का घर बनाया जाता है?
मेघालय में बड़े घर बहुत ही छोटे-छोटे होते हैं आपको शायद मालूम ना हो लेकिन मेघालय में सबसे ज्यादा घर बैंस का बनाया जाता है जो काफी सुंदर देखने में लगता है, इन ग्रहों का निर्माण स्थानीय रूप से उगाए गए बांस पेंट सुख तार के पत्तों और सूखे मौसम में रबड़ के पेड़ की लकड़ी से जाता है और यह घर देखने में काफी आकर्षक नजर आते हैं।
मेघालय का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल
अब हम आपको बताते हैं मेघालय के पांच सबसे सुंदर पर्यटक स्थल जो की बहुत ही ज्यादा सुंदर है जहां जाकर आप घूम सकते हैं।
- चेरापूंजी (CHERAPUNJI), चेरापूंजी मेघालय की एक ऐसी जगह है जहां पर बहुत ज्यादा बारिश होती है पहले यह जगह बारिश के मामले में पहले नंबर पर आती थी लेकिन अब भारत में सबसे ज्यादा वर्षा वाला स्थान मानसिंह राम बन गया है जो की चेरापूंजी से कुछ ही दूरी पर है, चेरापूंजी घूमने के लिए एक शानदार जगह है यह जगह अपने साफ सुथरे माहौल और प्रकृति सुंदरता के लिए जानी जाती है यहां पर कई सारे प्रकृति जगह है घूमने के लिए जैसे की “नौकली ईकाई फॉल्स, थैलेस फॉल्स और धुन वाले पहाड़” यह सब जगह यहां के खूबसूरत जगह होने से एक जगह है।
- मानसिनराम (MANSINRAM), मानसिनराम मेघालय का एक बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस है यहां दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होती है बारिश का लुत्फ उठाने वाले प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से काम नहीं है यहां चारों तरफ धुंध और बारिश की बेहतरीन नजारे होते हैं यहां लगभग साल भर बारिश होती है, लेकिन यह एक छोटा सा गांव है यहां होने वाली बारिश और प्रकृति नजारे के लिए प्रसिद्ध है।
- शिलांग (SHILANG), शिलांग मेघालय की राजधानी है शिलांग भी एक सुंदर हिल स्टेशन है, यह शहर समुद्र तल से लगभग 1500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है शिलांग हिल स्टेशन को बादलों का निवास स्थान भी कहा जाता है अपनी सुंदर पहाड़ी घाटियों के करण इस पर्व का स्कॉटलैंड कहा जाता है, शिलांग को खानपान और वास्तुकला मैं ब्रिटिश झलक देखने को मिलती है इसीलिए यहां की तुलना स्कॉटलैंड से की जाती है, यहां पर शिलांग पीक से आप मेघालय के खूबसूरत नजरी दे सकते हैं मानसून के मौसम में यह जगह देख लायक होती है।
- मावलिननांग गांव (MAWLYNNONG VILLAGE), मावलिननांग गांव मेघालय का घूमने के लिए बेहतरीन जगह है इस गांव को 2003 में एशिया का सबसे साफ सुथरा गांव होने का दर्जा मिला था यह गांव सच में काफी साफ सुथरा है, लिए इस जगह को लोग देखने के लिए आते हैं साथ में आप मेघालय की संस्कृति और यहां के लोगों को भी देख पाएंगे।
- मावसई गुफा (MAVSAI CAVE), मावसई गुफा मेघालय के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलो में से एक है यहां कुछ गुफाएं भी हैं जिनमें से एक है मावसई गुफा जो कि सबसे ज्यादा फेमस है और ये गुफा चेरापूंजी से लगभग 6 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है इस गुफा की खासियत है कि यह एक भूलभुलैया टाइप की गुफा है जिसमें कई तरफ से रोशनी और पत्थर दिखाई देते हैं, यह गुफा लगभग 150 मीटर लंबी गुफा है।
इसके अलावा मेघालय में बहुत सी जगह है जहां जाकर आप घूम सकते हैं और इंजॉय कर सकते हैं।
दोस्तों यह था मेघालय और उससे जुड़े कुछ ऐसे जगह और फैक्ट्स जो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|
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