नागालैंड का इतिहास | History of Nagaland in Hindi

नागालैंड का सम्पूर्ण इतिहास | नागालैंड की कहानी | Fact About Nagaland In Hindi

दोस्तों आपने यह कहावत सुनी होगी कि जहां पर शांति होती है वहां पर ही जिंदगी होती है, क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसा राज्य भी है जहां पर हर तरफ शांति और खुशहाली है इस जगह को चारों तरफ से खूबसूरत वादियों ने घेर रखा है, यहां के लोग हो सकता है बड़ी-बड़ी गाड़ियों में नाग घूमते हो लेकिन लोगों का दिल बहुत बड़ा होता है, भारत के इस राज्य को फेस्टिवल की नगरी भी कहा जाता है, यहां के किस पूरे देश के लिए अनाज अप जाते हैं यहां का नजारा इतना खूबसूरत है की जो एक बार आता है वह यहां का दीवाना बन जाता है, जी हां हम बात कर रहे हैं हिंदुस्तान के सबसे खूबसूरत राज्य नागालैंड ” नागालैंड का इतिहास | History of Nagaland in Hindi “ कि, इस ब्लॉग में नागालैंड के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक जरूर पढ़ें।

नागालैंड की कुल जनसंख्या कितनी है?

नागालैंड की कुल आबादी है 23 लाख के आसपास, यहां की पापुलेशन डेंसिटी की बात की जाए तो यह है 119 लोग पर स्क्वायर किलोमीटर, यहां पर आपको फुल चार्ज बड़ी नदियां देखने को मिलेगी जो कि यहां के किसानों की जान है।

नागालैंड राज्य का नाम नागालैंड कैसे पड़ा?

आपको हम बता दें कि इस राज्य का नाम नागालैंड कैसे पड़ा नागालैंड का नाम ‘नागा’ जनजाति और ‘लैंड’ (भूमि) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है ‘नागाओं की भूमि’ या “नागा का मतलब हिलमैन इस प्रकार नागालैंड एक हिलमैन की भूमि है क्योंकि यहां पर चारों तरफ पहाड़ ही पहाड़ है इसीलिए इसे नागालैंड लहा जाता है।

नागालैंड की राजधानी कहां है?

नागालैंड राज्य भारत के नॉर्थ ईस्ट में स्थित है और इसकी राजधानी है “कोहिमा (Kohima)” है, जो खूबसूरत पहाड़ों और हरियाली से घिरा एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है, और यह पूर्वोत्तर भारत में स्थित है, इसके नॉर्थ में अरुणाचल प्रदेश और साउथ मणिपुर स्थित है, सन 1890 तक नागालैंड में ब्रिटिश ने शासन किया और सारे ट्रेडिशनल कस्टम हैंड हंटिंग को गैर कानूनी घोषित कर दिया।

नागालैंड राज्य की स्थापना कब हुई थी?

आपको बता दें कि नागालैंड की स्थापना 1 दिसंबर 1963 को भारत के 16वें राज्य के रूप में लिया गया, नागालैंड में 100 से ज्यादा ट्राईबल रहते हैं लेकिन यहां पर हर दवाई की अपनी अलग-अलग भाषाएं होती है यही कारण है किस राज्य में कोई एक भाषा नहीं बोलना यहां सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा ” नागामीज़ (Nagamese)” है।

नागालैंड को फेस्टिवल की लैंड क्यों कहा जाता है? 

नागालैंड को फेस्टिवल की लैंड भी कहा जाता है हॉर्नबिल फेस्टिवल नागालैंड का सबसे पॉपुलर एनुअल फेस्टिवल है हॉर्नबिल फेस्टिवल स्टेट गवर्नमेंट द्वारा टूरिस्ट और राज्य की ट्राईबल कल्चर को बढ़ाने के लिए 2000 में शुरू किया गया था यहां पर लोग आपको हरदिन ही हर दिन कुछ नया फेस्टिवल मनाते हुए दिख जाएगा अगर आप फेस्टिवल के शौकीन है तो आपको नागालैंड घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए, यहां के लोगों को सच्चा माना जाता है, यहां के लोग कैसे हैं जो कि अपने फायदे के लिए झूठ नहीं बोलते हैं यहां के लोगों का दिल साफ होता है जो कभी आपके साथ धोखा नहीं करेगा।

नागालैंड की संस्कृति 

नागालैंड की संस्कृति कल्चर और खानपान पूरे भारत से बिल्कुल अलग है, यहां के लोग लोग ज्यादातर नॉनवेज खाना पसंद करते हैं लोग यहां सूअर का मांस मटन चिकन मछली सांप आदि के मासूम के शौकीन है इसके अलावा हरी सब्जियां भी यहां के बाजारों में खूब मिलती है, और अगर बात करें नागालैंड के मौसम की तो पहाड़ी और फॉरेस्ट एरिया होने के कारण यहां का मौसम काफी सुहाना और हरा-भरा एनवायरमेंट है यहां अधिक गर्मी नहीं पड़ती गर्मियों में नागालैंड का टेंपरेचर मिनिमम 16 डिग्री सेल्सियस तक और मैक्सिमम 31 डिग्री सेल्सियस तक रहता है, और सर्दियों में यहां का टेंपरेचर मिनिमम 4 डिग्री सेल्सियस तक और मैक्सिमम 24 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

नागालैंड का इतिहास
नागालैंड का इतिहास

नागालैंड राज्य का इतिहास

नागालैंड भारत के जंगल में जीवन गुजर बसर करने वाले कई लोग कबीला समुदाय के लोगों का घर था फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के दौरान अंग्रेजों ने बहुत से नागा कबीलों के लोगों से रिलेशन बनाया और बहुत से लोग लोगों को फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में फ्रांस और यूरोप भेजो जो लोग वर्ल्ड वॉर में वापस आए उन्हेंने नागा नेशनलिस्ट मोमेंट की स्थापना की 12वीं और 13वीं सेंचुरी में लोग लोगों का रिलेशन असम के सबसे बड़े पॉपुलर और ताकतवर ट्राइब अहोम के लोगों क्या हुआ और 19वीं सेंचुरी में आज शाम भी ब्रिटिश शासन के घेरे में आ गया, 1944 में सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान अंग्रेजों और भारतीय तक या लैंड नागा हिल्स ट्रेन सांग के नाम से जाना जाता था और 1961 में भारत सरकार ने आयरलैंड को राज्य का दर्जा दिया और इसका नाम बदलकर नागालैंड कर दिया गया और उसके बाद 1963 में नागालैंड को पूर्ण राज्य घोषित कर दिया गया।

नागालैंड का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल

दोस्तों अब हम आपको बताते हैं नागालैंड की वह तमाम जगह जहां पर जाकर आप घूम सकते हैं जहां पर कि आप अपना वक्त गुजार सकते हैं। 

  • कोहिमा (KOHIMA), नागालैंड के प्रमुख टूरिस्ट प्लेस में शामिल कोहिमा नागालैंड की पहाड़ी राजधानी है नागालैंड की राजधानी कोहिमा का नाम पहले केव हीरा था लेकिन अंग्रेजों ने इसे बदलकर कोहिमा कर दिया, केबीरा नाम का फूलों के पाए जाने की वजह से यहां का नाम कोहिमा कर दिया जो अपनी इंडिपेंडेंसी और रंगीन कलर के लिए जाने जाते हैं, सेकंड वर्ल्ड वॉर के समय कोहिमा जापानी सेवा के खिलाफ 64 दिनों की जान लड़ाई हुई इसीलिए नागालैंड की हिस्ट्री मैं कोहिमा को स्पेशल माना जाता है, कोहिमा में एक कब्रिस्तान है जो की सेकंड वर्ल्ड वार में देश को बचाने के लिए जान देने वाले वीर शहीदों को सम्मानित करने के मकसद से बनाया गया है।
  • जूको वैली (DZUKOU VELLY), नागालैंड के खूबसूरत नजारों के बीच स्थित जूको वैली को हिमाचल लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक अट्रैक्ट टूरिस्ट प्लेस है, जूको वैली गर्मियों में खिलने वाले फूलों के बहुरंगी कारपेंटस के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, जूको लेली फूल मानसून के मौसम के साथ खेलने लगते हैं और जुलाई के पहले दो सप्ताह में आमतौर पर पूरा वैली खिल उठता है जून के लास्ट वीक से लेकर सितंबर के महीने तक बेस्ट समय होता है जूको वाली घूमने का जहां जाकर आप घूम सकते हैं।
  • जाप्फू पीक ट्रेक (JAPFU PEAK TREK), नागालैंड की 3038 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जाप्फू पीक ट्रेक नागालैंड की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है, जाप्फू पीक ट्रेक नागालैंड के सबसे इंर्पोटेंट टूरिस्ट अट्रैक्शन में से एक है और यह उसे समय लैंडस्केप का हिस्सा है जिसने नागालैंड को स्विट्जरलैंड ऑफ द ईस्ट नाम दिया है, जाप्फू पीक ट्रेक कोहिमा के आसपास घूमने के लिए सबसे अच्छी टूरिस्ट प्लेस में से एक है और पिछले कुछ सालों में जाप्फू पीक ट्रेक पूरे नॉर्थ ईस्ट के पापुलर टूरिस्ट प्लेस में से एक बन गया है।
  • दीमापुर (DIMAPUR), दीमापुर को कोहिमा के गेटवे के रूप में जाना जाता है दिमापुर नागालैंड को हवाई मार्ग रेल मार्ग तथा सड़क मार्ग के जरिए पूरे भारत से जोड़ता है और नागालैंड का एक अकेला एयरपोर्ट भी इसी शहर में स्थित है, यह नागालैंड के सबसे बड़े शहर के रूप में जाना जाता है दीमापुर से कोहिमा की दूरी 74 किलोमीटर है, यहां के घुमावदार सड़के और खूबसूरत नेचुरल नजारे टूरिस्ट को अपने और खींचता है यहां एक से बढ़कर एक नागा कंजस खाने को मिलती है और यहां के लोगों का लाइफस्टाइल बड़ी कमाल का है।
  • मोकोकचुंग (MOKOKCHUNG), मोकोकचुंग पर्यटन स्थल नागालैंड स्टेट मेंदीमापुर और कोहिमा के सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण में से मोकोकचुंग आर्ट और कलर के मामले में बहुत रिच है, मोकोकचुंग को नागालैंड की इंटेलेक्चुअल एंड कल्चरल कैपिटल के रूप में जाना जाता है, मोकोकचुंग मैं डिस्ट्रिक्ट म्यूजियम टाउन ममेन पार्क और नागालैंड का सबसे बड़ा और सबसे पुराना गांव उनमा बसा हुआ है जो लोग कल्चर की धरोहर है।

इसके अलावा नागालैंड में बहुत सी जगह है जहां जाकर आप घूम सकते हैं और इंजॉय कर सकते हैं।

दोस्तों यह था नागालैंड और उससे जुड़े कुछ ऐसे फैक्ट्स जो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|

इसे भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ का इतिहास

इसे भी पढ़ें: झारखंड का सम्पूर्ण इतिहास

Leave a Comment