छत्तीसगढ़ का इतिहास | History of Chhattisgarh in Hindi

छत हम जिस राज्य के बारे में बताने जा रहे हैं उसे भारत का सबसे खास और सुंदर राज्य मैं गिना जाता है और भारत का दसवां सबसे बड़ा राज्य माना जाता है, कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान कुछ दिन इसी राज्य में बिताए थे और इसी राज्य में 35 से ज्यादा आदिवासियों का समूह रहता है, और यह एक मात्र ऐसा राज्य है जहां से पूरे देश भर में ट्रेन और मेट्रो के ट्रैक की सप्लाई होती है, जी हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ राज्य के बारे में “छत्तीसगढ़ का इतिहास | History of Chhattisgarh in Hindi” इस ब्लॉग में छत्तीसगढ़ के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक जरूर पढ़ें।

छत्तीसगढ़ की स्थापना कब हुई थी?

दोस्तों सबसे पहले आपको बता दें की छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर, 2000 को हुई थी, जब यह मध्य प्रदेश से अलग होकर भारत का 26वां राज्य बना, इसी दिन ये राज्य मध्य प्रदेश से अलग होकर एक अलग राज्य बना था, इस ऐतिहासिक दिन को छत्तीसगढ़ अपना स्थापना दिवस (राज्योत्सव) मनाता है।

छत्तीसगढ़ का इतिहास
छत्तीसगढ़ का इतिहास

छत्तीसगढ़ भारत का कौनसा राज्य है?

दोस्तों आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ भारत का 26वा राज्य है जो देश के मध्य पूर्वी इलाके में फैला हुआ है छत्तीसगढ़ आबादी के लिहाज से भारत का 70 वा राज्य तथा क्षेत्रफल के लिहाज से दसवां सबसे बड़ा राज्य है छत्तीसगढ़ एक ग्रामीण प्रदेश है और इसीलिए यहां की 82.56% जनसंख्या गांव में रहते हैं, राज्य के बस्तर रायगढ़ और सरगुजा जिलों में ग्रामीण जनसंख्या सबसे ज्यादा है यहां आम लोगों के अलावे आदिवासी भी रहते हैं।

छत्तीसगढ़ की सीमा किन-किन राज्यों से मिलती है?

छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा सात राज्यों से मिलती है जिसमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से मिलता है, छत्तीसगढ़ भारत के सबसे तेज गति के साथ प्रगति के रथ पर चलने वाले राज्यों में से एक है और इसीलिए भी इसे कहा जाता है भारत का एक कुशल और बेहतरीन राज्य।

छत्तीसगढ़ का नाम छत्तीसगढ़ कैसे पड़ा?

दरअसल यह कहानी जुड़ी हुई है राज्य के किलो से हुआ यूं के जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ तो यहां 36 गढ़ हुआ करते थे घर यानी किले बस उन किलों को देखते हुए ही इस राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ गया, यानी 36 किले।

छत्तीसगढ़ का कैपिटल सिटी कौन सा है?

छत्तीसगढ़ की कैपिटल सिटी है रायपुर जो ना सिर्फ एक खूबसूरत शहर है बल्कि सबसे अच्छा टूरिस्ट स्पोट्र्स में से भी एक है रायपुर छत्तीसगढ़ के अर्थव्यवस्था प्रशासन और व्यापार लगभग हर चीज के लिए जरूरी शहर है, रायपुर छत्तीसगढ़ का एकमात्र शहर है जहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट मौजूद है जिसे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, शायद ही आपको पता होगा लेकिन रायपुर से पहले छत्तीसगढ़ की कैपिटल सिटी के तौर पर बिलासपुर को देखा जा रहा था लेकिन जब छत्तीसगढ़ का गठन किया गया तो बिलासपुर को राजधानी बनानेपर विचार क्या गया क्योंकि उसे समय बिलासपुर रायपुर से ज्यादा विकसित था लेकिन फिर सोचने समझने के बाद बिलासपुर की जगह रायपुर कुछ छत्तीसगढ़ की राजधानी घोषित कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति

छत्तीसगढ़ को संस्कृत कौन-कौन त्यौहार और परंपराओं के लिए जाना जाता है, त्योहारों की बात करें तो यहां “दशहरा, लोकउत्सव चंपारणमेला, मराई महोत्सव, गोचा महोत्सव, नारायणपुर मेला और तेज महोत्सव” आदि बड़े पैमाने पर बनाया जाता है, इसके अलावा भारत के प्रमुख त्योहार जैसे दिवाली होली और नवरात्रि आदी की धूम भी छत्तीसगढ़ में देख सकते हैं, छत्तीसगढ़ में हर फेस्टिवल पर लोग आपको कुछ पारंपरिक नृत्य करते नजर आ जाएंगे जिनमें “पंथी नृत्य” काफी फेमस है जो हर साल 18 दिसंबर को गुरु घासीदास जी की जन्म जयंती पर क्या जाता है लोग दिल को खुश कर देने वाला डांस किया जाता है उसके अलावा और भी बहुत से तैयार है जिसे यह लोग बड़े पैमाने पर मानते हैं।

टिन का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?

छत्तीसगढ़ टिन का उत्पादन करने वाला देश का एक लता राज्य है, तत वाड़ा में टिन का सबसे ज्यादा प्रोटेक्शन किया जाता है, छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट भी मौजूद है जो पूरे भारत में रेलवे ट्रैक्स का एक लता निर्माता है देश में बनने वाला सबसे लंबी रेलवे ट्रैक के बाद हो या फिर दिल्ली मेट्रो के लिए भेजे जाने वाली ट्रेक्स की बात हो यह सभी ट्रैक्स भिलाई स्टील प्लांट से ही भेजे गए हैं, आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन अब तक भिलाई स्टील प्लांट इतने रेलवे ट्रेंस का निर्माण क्या जा चुका है जिससे पूरी पृथ्वी को कई बार लपेटा जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में कौन-कौन से प्रमुख मंदिर हैं?

छत्तीसगढ़ धार्मिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण राज्य है क्योंकि यह मंदिरों की भूमि है जिनमें से “शिव टेंपल चांदखुदे सिद्धेश्वर टेंपल पलारे, आनंद प्रभु कूदी विहार, स्वस्तिक विहार सिरपुर, जगन्नाथ टेंपल खलाड़ी, भोरमदेव टेंपल और बत्तीसा टेंपल” जैसे मंदिर काफी फेमस है जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं।

छत्तीसगढ़ का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल

  • रायपुर (RAIPUR), यह शहर अब सिर्फ एक व्यापारिक हब नहीं बल्कि एक मॉडर्न टूरिस्ट स्पॉट्स भी बन चुका है यहां का “नंदन वनजू, उदंती सेंचुरी, महंत घसीदास म्यूजियम और नया बना मेरिन ड्राइव” घूमने लायक है, इसके अलावा विवेकानंद सरोवर जहां स्वामी विवेकानंद की विशाल प्रतिमा है वहां का माहौल बेहद सुकून दायक होता है, रायपुर में आपको लोकल क्लचर शॉपिंग मॉल और टेस्टी छत्तीसगढ़ खाना सब कुछ मिलेगा, छत्तीसगढ़ की यात्रा रायपुर के बिना अधूरी है, इसलिए आपको अपने ट्रिप में जरूरघूमना चाहिए।
  • मैनपाट (MAINPART), छत्तीसगढ़ का मिनी शिमला मैनपाट या हिल स्टेशन अंबिकापुर से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर विराजमान है और अब धीरे-धीरे ट्रैवल लवर का फेवरेट बनता जा रहा है यहां का मौसम ठंडा और ताजगी से भरपूर होता है, टाइगर पॉइंट, फिश पॉइंट, और जलजली यानी बाउंसिंग लैंड जैसी अजीब लेकिन मजेदार भारत आपको चौंका देंगे, यहां तीबत्ती समुदाय भी बड़ी संख्या में रहता है जिससे आपको वहां आपको बौद्ध संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी, नेचर शांति और थोड़ा एडवेंचर सब कुछ एक जगह चाहिए तो मैन पार्ट जरूर जाए।
  • डोंगरगढ़ (DONGARGARH), डोंगरगढ़ को छत्तीसगढ़ का शीर्ष तीर्थ स्थल माना जाता है और यह एक शीर्ष पर्यटक आकर्षण भी है मां बमलेश्वरी के नाम से यहां एक प्रसिद्ध मंदिर है जो लगभग 1600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है मंदिर को बाड़ी बमलेश्वरी भी कहा जाता है एक और मंदिर जो इस मंदिर से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जिस को छोटा बमलेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है दशहरा के दौरान और चैत्र रामनवमी के दौरान के नवरात्रों के समय मंदिर में हजारों भक्तों की भीड़ यहां आती है, नवरात्रों के अवसर के दौरान मंदिर में मेलों का आयोजन किया जाता है जो दिन में लंबे समय तक रहता है।
  • दंतेवाड़ा (DANTEWADA), दंतेवाड़ा मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के गठन के बाद 1998 में अस्तित्व में आया, बस्तर जिले में स्थित दंतेवाड़ा के विचित्र छोटे शहर में नदियां शानदार पहाड़ी चोटियां और हरे भरे घास के मैदानों के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं दंतेवाड़ा को पूर्व ऐतिहासिक दिनों में तारा पाल और दंता वली के रूप में जाना जाता था हालांकि वर्तमान में क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित है दंतेवाड़ा आपको पहाड़ों से लेकर नदियों तक सभी प्राकृतिक तत्त्वों का लुत्फ उठाने का मौका देता है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ में बहुत सी जगह है जहां जाकर आप घूम सकते हैं और इंजॉय कर सकते हैं।

दोस्तों यह था छत्तीसगढ़ और उससे जुड़े कुछ ऐसे जगह और फैक्ट्स जो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|
इसे भी पढ़ें: झारखंड का इतिहास

इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल का इतिहास

Leave a Comment