मध्य प्रदेश का संपूर्ण इतिहास | मध्य प्रदेश की कहानी | fact about Madhya Pradesh in Hindi
मध्य प्रदेश का इतिहास (History of Madhya Pradesh in Hindi) भारत के हृदय स्थल की प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों की एक महत्वपूर्ण कहानी है। यह राज्य अपने प्राचीन मंदिरों, किलों, गुफाओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। प्राचीन काल में यहाँ मौर्य, गुप्त और परमार जैसे शक्तिशाली राजवंशों का शासन रहा, जिन्होंने कला, स्थापत्य और धर्म के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साँची स्तूप, खजुराहो मंदिर और भीमबेटका की गुफाएँ मध्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास के प्रमाण हैं। मुगल और मराठा शासन के बाद ब्रिटिश काल में भी इस क्षेत्र में कई बदलाव हुए। आज मध्य प्रदेश अपनी ऐतिहासिक पहचान, पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक विविधता के कारण पूरे देश में विशेष स्थान रखता है। इस लेख में हम मध्य प्रदेश का इतिहास आसान हिंदी में विस्तार से जानेंगे।
मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या कितनी है?
मध्य प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 8.95 करोड़ है, जो 2025 के अनुमानों पर आधारित है। किस राज्य की सीमाएं उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र गुजरात औरछत्तीसगढ़ से लगती है|
मध्य प्रदेश में कौन सी भाषा बोली जाती है?
मध्य प्रदेश में बोली जाने वाली सबसे प्रमुख भाषा हिंदी है हालांकि कुछ जनजाति क्षेत्र में इसके अलावा अन्य भाषा भी बोलीजाती है, इस राज्य की 90% आबादी हिंदू है तो वहीं 6.05% लोग इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं इसके अलावा जैन बहुत सिख और ईसाई धर्म के लोग भी यहां पर रहते हैं|
मध्य प्रदेश की स्थापना कब हुई थी?
मध्य प्रदेश को भारत का दिल यह हार्ट नेशन भी कहा जाता है इस राज्य की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी, आपको बता दें कि पहले इस राज्य की राजधानी नागपुर हुआ करता था लेकिन 1956 में राजधानी को नागपुर से भोपाल कर दिया गया, भारत के मध्य में स्थित होने के कारण ही इसका नाम मध्य प्रदेश रखा गया और एक समय पर इसे मध्य भारत के नाम से भी जाना जाता थ|
मध्य प्रदेश राज्य पर किसन किस ने राज किया है?
मध्य प्रदेश में आज तक कई शासको ने राज किया है जिसमें मराठा चौहान बंडल और चंदेल शामिल है मुगलों और अफगानो ने भी मध्य प्रदेश की धरती पर कई सालों तक हुकूमत की, भारत के इतिहास के सबसे महान राजाओं में सीमा राजा विक्रम द्वितीय की राजधानी उज्जैन भी मध्य प्रदेश में स्थित है और यह राज्य अपने कल्चर और शिल्प कला के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, भारत की सबसे पुरानी नदी नर्मदा को मध्य प्रदेश जीवन रेखा माना जाता है यह इस राज्य की सबसे प्रमुख पर भारत की पांचवी सबसे बड़ी नदी है यह अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलती है और नर्मदा नदी कि खास बात यह है कि विपरीत दिशा में बहती है और भारत की सभी नदियां जहां पश्चिम से पूर्व की ओर देती है यह नदी रिफ्ट वाली में विपरीत ढलान होने के कारण पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है|
सबसे ज्यादा आदिवासी किस राज्य में है?
दोस्तों आपको बता दें कि मध्य प्रदेश भारत में सबसे ज्यादा आदिवासी समुदाय वाला राज्य है प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो राज्य की 21% आबादी जनजाति समुदाय से ताल्लुक रखती है इसमें गोंडी भील बागु सहरिया अन्य जैसी जनजाति सबसे प्रमुख है इसीलिए किस राज्य को सबसे ज्यादा आदिवासी वाला राज्य कहा जाता है|
लैंड ऑफ टाइगर या “टाइगर स्टेट” किस राज्य को कहा जाता है?
मध्य प्रदेश को लैंड ऑफ टाइगर भी कहा जाता है क्योंकि यहां नेशनल पार्क में बड़ी संख्या में बाघ और रॉयल बंगाल टाइगर पाए जाते हैं जितने बाघ मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में पाए जाते हैं इतने शायद दुनिया के किसी भी जंगल में नहीं देखने को मिलेंगे, आज के समय में मध्य प्रदेश में कुल 10 नेशनल पार्क 6 टाइगर रिजर्व 24 वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी है और इस कारण से पूरे राज्य में आपको हर तरफ हरियाली और जंगल ही नजर आएगी, इनमें बांधवगढ़ नेशनल पार्क कान्हा नेशनल पार्क पेंच टाइगर रिजर्व सबसे प्रमुख हैहर साल लाखों की संख्या में पर्यटक मध्य प्रदेश में बाघों को देखने के लिए आते हैं फेमस किताब जंगल बुक मध्य प्रदेश के इन्हीं जंगलों से इंस्पायर होकर लिखी गई थी|
मध्य प्रदेश में होने वाले खास त्योहार
मध्य प्रदेश की धरती का काफी पवित्र भरा जाता है भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेशमें स्थित है, महाकालेश्वर और ओम कालेश्वर ज्योतिर्लिंग श्रद्धालु के बीच में पवित्र आस्था का केंद्र है और इसके अलावा उज्जैन में भी कई और ऐतिहासिक मंदिर बनी हुई है जिसमें काल भैरव और महादेव के मंदिर प्रमुख हैं, मध्य प्रदेश के उज्जैन को महाकाल कि नगरी के नाम से भी जाना जाता है हर 12 साल में यहां पर कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है आखरी बार साल 2016 में यहां पर कुंभ मेले का आयोजन किया गया था और अब साल 2028 में कुंभ मेला उज्जैन में देखने को मिलेगा कुंभ मेला के अलावा भी अन्य कईत्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, खंडवा जिले के पास नर्मदा नदी के पास हनुमंतिया आईलैंड बना हुआ है यहां हर साल भारत के सबसे बड़े जल महोत्सव का आयोजन किया जाता है इसके अलावा भगोरिया हाट फेस्टिवल मालवा उत्सव तानसेन समारोह खजुराहो डांस फेस्टिवल जैसे अनेकों फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है साथ ही होली दिवाली दशहरा कैसे त्यौहार यहां बहुत ढूंढा उसेमनाई जाती है|
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