तेलंगाना का इतिहास | History Of Telangana In Hindi

तेलंगाना का सम्पूर्ण इतिहास | तेलंगाना की कहानी | Fact About Telangana In Hindi 

तेलंगाना का इतिहास (History of Telangana in Hindi) भारत के दक्षिणी भाग की एक रोचक और महत्वपूर्ण कहानी है। यह राज्य अपनी पुरानी संस्कृति, ऐतिहासिक इमारतों, किलों और हैदराबाद शहर के लिए जाना जाता है। प्राचीन समय में यहाँ सातवाहन, चालुक्य और काकतीय जैसे राजाओं ने शासन किया, जिन्होंने मंदिर, तालाब और कई सुंदर इमारतें बनवाईं। बाद में मुस्लिम शासकों और निजामों का राज रहा, जिससे हैदराबाद एक बड़ा और प्रसिद्ध शहर बना। आजादी के बाद तेलंगाना आंध्र प्रदेश का हिस्सा था, लेकिन लोगों की मांग पर 2 जून 2014 को इसे अलग राज्य बना दिया गया। इस लेख में हम तेलंगाना का इतिहास आसान भाषा में शुरू से लेकर आज तक विस्तार से जानेंगे।

तेलंगाना का क्षेत्रफल कितना है?

दोस्तो: तेलंगाना के क्षेत्रफल की बात की जाए तो यह भारत के राज्यों में 12वीं नंबर पर आता है, इस राज्य की सीमा देश के पांच राज्य “आंध्र प्रदेश कर्नाटक महाराष्ट्र उड़ीसा छत्तीसगढ़” की सीमा से लगता है, और इस राज्य में बहने वाली तेलंगाना की प्रमुख नदियों में “कृष्णा गोदावरी तुंगभद्रा मुसी प्राणहिता और भीमा” शामिल है, गोदावरी नदी को दक्षिण भारत में पवित्र नदी माना जाता है और इसे दक्षिण की गंगा भी कहा जाता है।

तेलंगाना की राजधानी कहां है?

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद है जिसे मोतियों का शहर भी कहा जाता है 2010 के अनुसार यह भारत का छठवा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है, हैदराबाद की खूबसूरती चारों तरफ कड़ी पहाड़ और उनके बिकन बीच बहती मुसी नदी में देखी जा सकती है पर्यटकों के लिए हैदराबाद एक खास शहर है यह शहर अपने आप में तमाम रंगों को समेटे हुए हैं, अगर आप इस शहर में घूमने जाओगे तो यहां आपको इसलिए को बहुत कुछ मिलेगा जैसे कि हेरिटेज स्मारक खूबसूरत झील और पार्क उद्यान रिजॉर्ट और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा।

तेलंगाना में कौन सी भाषा बोली जाती है?

दोस्तों: तेलंगाना की भाषा है तेलुगु और उर्दू कि यहां की ज्यादा से ज्यादा आबादी तेलुगु भाषा बोलते हैं और उर्दू बोलने वालों की संख्या दूसरे नंबर पर आती है, इसके अलावा यहां अंग्रेजी हिंदी कन्नड़ और उड़िया भी बोली जाती है, 1948 से पहले हैदराबाद की अधिकारीक भाषा उर्दू ही थी लेकिन जब हैदराबाद को भारत में शामिल कर लिया गया तब तेलुगू को राज्य की अधिकारीक भाषा बना दिया गया।

तेलंगाना राज्य की कुल जनसंख्या कितनी है?

अगर तेलंगाना राज्य की जनसंख्या की बात करें तो यहां की कुल आबादी करीब 4 करोड़ के आसपास है और आबादी आपके लिहाज से भारत का 12हवा सबसे बड़ा राज्य है, और इस राज्य में कुल आबादी का 84% हिंदू और 12.4% मुस्लिम और 3.2% सिख और ईसाई और अन्य धर्म के अनुयाई रहते हैं। 

तेलंगाना में किसका उत्पादन होता है?

तेलंगाना की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर करती है, चावल की खेती यहां सबसे ज्यादा होती है और इसके अलावा यहां पर मक्का ज्वार तेल गाना कपास मूंगफली सोयाबीन और तंबाकू की खेती भी यहां की जाती है, साथ ही साथ आपको यह भी बता दे की आईटी सेक्टर में या राज्य भारत में अहम स्थान रखता है इस राज्य में बड़े-बड़े आईटी कंपनी ने अपनी ऑफिस और हेड क्वार्टर में स्थापित क्या हुआ है, और अगर तेलंगाना के लोगों का मुख्य भोजन की बात करें तो यहां की मुख्य भोजन चावल ही है, तेलंगाना में लंबे समय तक निजाम ने राज्य क्या जो तेलंगाना की खानपान में इसका साफ असर पता चलता है, यहां के खाने में स्वादिष्ट नजर आएग।

तेलंगाना राज्य का इतिहास।

तेलंगाना राज्य के इतिहास की बात करें तो बतादें की पहले तेलंगाना आंध्र प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था, भारत को आजादी मिलने से पहले तेलंगाना हैदराबाद का हिस्सा हुआ करता था और इस पर निजाम का शासन था, तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 1969 के समय से ही शुरुआत कर दी गई थी जैसे-जैसे साल बीत गए साथ ही साथ तेलंगाना को राज्य बनाने की मांग और जोर पकड़ती गई इसके लिए कई बड़े-बड़े आंदोलन किए गए और बाद में जाकर भारत सरकार को रियलाइज हुआ तो 9 दिसंबर 2009 को ऑफीशियली रूप से तेलंगाना को एक अलग राज्य घोषित कर दिया लेकिन सरकार की इस घोषणा को सुनने के बाद तेलंगाना के प्रदेशों में कई जगहों पर हिंसा हुई, हंसों को ध्यान में रखते हुए दिसंबर 2009 मैं भारत सरकार ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं की और उसे वहीं पर रहने दिया मगर तेलंगाना राज्य को लेकर तेलंगाना केके प्रदेशों में आंदोलन लगातार चलते रहे जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे लेकिन 30 जुलाई 2013 को कांग्रेस सरकार ने जो जब तेलंगाना राज्य बनाने की एक और घोषणा की तो यह आंदोलन और भी बढ़ गया, इस तरह की घोषणा करने के बाद अगले 10 सालों तक हैदराबाद को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का फैसला किया गया, सरकार के फैसले को केंद्रीय मंत्री मण्डल ने मंजूरी दे दी और 2014 को भारत का 29वा राज्य तेलंगाना का निर्माण किया गया।

तेलंगाना राज्य की संस्कृति

आपकी जानकारी के लिए बता दूं की किस राज्य पर हिंदू राजाओं के अलावा मुस्लिम जो ने भी काफी लंबे समय तक राज क्या है किसी कारण तेलंगाना में मिश्रित संस्कृति देखने को मिलती है, तेलंगाना में मनाए जाने वाले उत्सव खान पान नृत्य और वेशभूषा से जाकर संस्कृति को नजदीकी से समझा जा सकता है, तेलंगाना की संस्कृत में आपको फारसी हो गया मुगल हो गया कुतुब शाही निजाम की परंपरा मिश्रण देखने को मिलता है, यहां पर कई तरह के शास्त्रीय संगीत पेंटिंग लोक नृत्य कठपुतली का शो भी होता है, वृद्धि नृत्य और कोलम देखने को मिलता है, यह सारी चीज अपने आप में बहुत ही खूबसूरत है। 

तेलंगाना राज्य का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल।

तेलंगाना में भर्ती इसी जगह है जहां जाकर आप घूम सकते हैं और इंजॉय कर सकते हैं उनमें से कुछ ऐसी जगह है जहां आप को बहुत ज्यादा मजा आयेगा।

  • निजामाबाद सिटी (NIZAMABAD CITY), या निजामाबाद जिले का मुख्यालय है जो तेलंगाना राज्य के वन ऑफ़ द मेजर एजुकेशन सेंटर के तौर पर जाना जाता है वही 2011 सेंसज के मुताबिक यहां की आबादी 3. 11 लाख लोगों की है तथा इस शहर की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रीज और यहां के नीरज जी व्यवसाय पर आधारित है।
  • खम्मम सिटी (KHAMMAM CITY), यह शहर तेलंगाना राज्य के पूर्वी विषय में स्थापित है जो अपने खम्मम फोर्ड के लिए भी काफी प्रसिद्ध है यह पूरा शहर 94.37 किलोमीटर स्क्वायर एरिया में फैला हुआ है, यहां की आबादी लगभग 3. 39 लाख लोगों की है अगर देखा जाए तो खम्मम तेलंगाना के ऐतिहासिक शहरों में से एक माना जाता है जो आज के टाइम पर एक मॉडर्न सिटी में गुना जाता है।

इसके अलावा तेलंगाना के अंदर बहुत कस जगह है जहां जाकर आप इंजॉय कर सकते हैं और मजे कर सकते हैं। 

दोस्तों: यह था तेलंगाना और उससे जुड़े कुछ ऐसे जगह और फैक्ट्स जो इस राज्य को सबसे अलग बनाते हैं|

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